7 बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज.. पिता को कंधा देकर दिया मुखाग्नि, रीति-रिवाजो के साथ किया अंतिम संस्कार

बेटियां आज कदम से कदम मिलाकर माता-पिता का सहारा बन रहीं हैं। ऐसे अनेको उदाहरण है जहां बेटियां माता-पिता का सुख-दुख बांट रहीं है। जो कहते हैं कि पुत्री नहीं पुत्र जरूरी, समाज से यह ऐसे संकीर्ण सोच खत्म होती जा रही है। इसका उदाहरण पलारी के वार्ड 13 में देखने को मिला। यहां रहने वाले 70 साल के अशोक कुमार गुप्ता का निधन हो गया।

उनका 7 बेटियां हैं। बसंती, चंपा, अंजू, मंजू, संजू, रानू और ममता गुप्ता है। अशोक के निधन के बाद उनकी बेटियां उन्हें अपने कांधे पर उठाकर श्मशानघाट तक ले गईं। यहां छोटी बेटी ममता ने हिंदू रीति-रिवाजो के साथ पिता का अंतिम संस्कार किया।

सभी बेटियों ने भावुक स्वर में कहा, पिता ने संघर्ष करना सिखाया है। हर काम मे हमारी बराबर की सहभागिता रही है। पिता ने कभी भेदभाव नहीं किया इसलिए हम बहनों ने भी पिता को कंधा देकर उनके अंतिम दिन तक साथ दिया। बता दें कि निधन से पहले अशोक अपनी 5 बेटियों की शादी करवा चुके हैं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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