छोटे गांव का बड़ा संदेश, नशा मुक्त व प्लास्टिक फ्री गुडेलिया

भाटापारा. आदर्श ग्राम पंचायत गुडेलिया तेजी से ‘स्मार्ट ग्राम’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पंचायत द्वारा नशा मुक्ति, प्लास्टिक प्रतिबंध और सामुदायिक भागीदारी के प्रभावी मॉडल ने गांव को एक नई पहचान दी है। गांव को ‘नशामुक्त घोषित’ किया गया है। पंचायत ने नियम बनाया है कि ग्राम क्षेत्र में किसी भी तरह का नशा सेवन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

जिला मुख्यालय बलौदाबाजार से 25 किमी व भाटापार से करीब 20 किमी दूर स्थित इस गांव में नियम का उल्लंघन करने पर 51,000 रुपए का दंड निर्धारित है। पंचायत के इस सख्त प्रावधान के बाद गांव में नशा सेवन के मामले लगभग समाप्त हो चुके हैं। गुडेलिया में प्लास्टिक पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू है। सभी दुकानदारों ने प्लास्टिक छोड़कर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाए हैं।

इसके साथ ही ग्राम पंचायत ने निजी व सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पूरे समाज को स्टील के प्लेट, गिलास और कटोरी उपलब्ध कराए हैं। इससे ग्रामवासियों को हर कार्यक्रम में लगभग 6,000 से 7,000 रुपए की बचत हो रही है, साथ ही कचरा और प्रदूषण में भी बड़ी कमी आई है।

आधुनिक खेती और जल संरक्षण में उत्कृष्ट उपलब्धियां: गुडेलिया आदिवासी बहुल ग्राम है, जहाँ कृषि के आधुनिकीकरण को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत ने बंद पड़े स्थानीय खदानों में वर्षा जल संचयन की अनोखी पहल की, जिससे भूमिगत जलस्तर बढ़ा और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हुआ। इस नवाचार के लिए गांव को 15 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया। फसलों की सुरक्षा हेतु फेंसिंग तार लगाई गई, जिससे पशु चराई से बचाव हुआ और किसानों को दोहरी फसल का लाभ मिलने लगा। साथ ही नियमित मृदा परीक्षण से फसल उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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