मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन सख्त
Administration strict on maternal and child health services

रायपुर । स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में बेमेतरा जिले में स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
सीएमएचओ कार्यालय में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में डॉ. रोहलेडर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता केवल योजनाओं के संचालन से नहीं, बल्कि उनके जमीनी प्रभाव से तय होगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और नियमित निगरानी को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए शून्य होम डिलीवरी के लक्ष्य की दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय प्रबंधन और ऑनलाइन स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का जननी पोर्टल पर पंजीयन, बच्चों का यू-विन पोर्टल पर रिकॉर्ड और टीबी मरीजों की जानकारी निक्षय पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से दर्ज की जाए। डॉ. रोहलेडर ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं में डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता बेहतर परिणामों की आधारशिला है।
मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रत्येक मृत्यु प्रकरण की गहन समीक्षा, कारणों का विश्लेषण और सुधारात्मक उपायों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एसएनसीयू, एनबीएसयू और एचडीयू जैसी विशेष इकाइयों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सघन कुष्ठ खोज अभियान, पल्स पोलियो अभियान और टीबी मुक्त पंचायत अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को माइक्रोप्लानिंग मजबूत करने, फील्ड टीमों को प्रशिक्षित करने तथा उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
डॉ. रोहलेडर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए फील्ड विजिट बढ़ाने, रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने और तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।











