गणगौर महोत्सव: रसोईघर में मसाला रखने का डिब्बा होता है उसे राजस्थानी में क्या कहते हैं.. जानें सही जवाब

बदलते दौर के साथ सामाजिक समारोह का तौर तरीका भी बदल रहा है। अपने कल्चर को बचाने के लिए विविध किस्म के प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के साध्वी की ब्राह्मण समाज ने गणगौर महोत्सव में राजस्थानी कल्चर को से रखने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की। इसमें कई रोचक सवाल पूछे गए जिनका जवाब मौजूद प्रतिभागियों ने दिया।

दरअसल आजकल सभी घरों में अपनी मातृभाषा में बोलने का रिवाज काम हो रहा है। इसके साथ ही अपनी संस्कृति के रचे बसे शब्द भी लुप्त हो रहे हैं। इसे देखते हुए यह आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पूछा गया कि जो रसोईघर मसाला रखने का डिब्बा होता है उसको राजस्थानी में क्या कहते हैं। जवाब था चामक। इसी तरीके से जो छत होती है उसको राजस्थानी में क्या बोलते हैं। सही जवाब था डगलो।

इसी कड़ी में यह भी पूछा गया कि तीन तरह के मौसम होते हैं, बरसात, सर्दी और गर्मी बरसात को राजस्थानी में चौमास तो सर्दी को सियालो कहा जाता है लेकिन गर्मी को क्या कहा जाता है जिसका सही जवाब था उनालो। महिलाओं खास कर नई पीढ़ी के लिए इस तरह की रोचक दिलचस्प प्रतियोगिता का संचालन रमेश शर्मा ने किया और सर्वश्री मूलचंद शर्मा एवं दिलीप शर्मा ने पुरस्कार वितरण किया। गणगौर महोत्सव के तहत यह आयोजन शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज ट्रस्ट द्वारा अंबा मंदिर परिसर रायपुर शक्ति बाजार में किया गया।

अम्बा मंदिर में शाकद्वीपीय महिला मंडल के नेतृत्व में गणगौर की मेहंदी, हल्दी कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह से भाग लिया।इसी कड़ी में मारूति नंदन हास्य योग परिवार के सदस्यों ने अंबा देवी मंदिर में सामूहिक तौर पर में देवी मां को चुनरी चढ़ाई गई और भोग लगाया गया।