अमिताभ बच्चन का आज 84वां जन्मदिन, उम्र के कांधे पर सवारी का हुनर जानते हैं बिग-बी, पढ़ें सफलता-असफलता की कहानी

नई दिल्ली. आज अमिताभ बच्चन का 84वां जन्मदिन है। उम्र के कांधे पर सवारी का हुनर यदि किसी ने सिखाया है तो निश्चय ही वह अमिताभ बच्चन हैं। 70 के दशक का संघर्षशील नायक हो या 2025 में सबसे लोकप्रिय टीवी प्रस्तोता…हर दौर में कामयाबी के नए मानदंड स्थापित किए। वे भारतीय सिनेमा के ‘महानायक’ नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन और पुनरुत्थान के प्रतीक हैं। उनकी मशहूर फिल्म कालिया का यह संवाद उन पर आज भी फिट बैठता है, जिसमें उन्होंने कहा था, हम जहां खड़े होते हैं लाइन वहीं से शुरू होती है। अमिताभ बच्चन ने कामयाबी में कभी आपा नहीं खोया तो मुश्किल दौर में धैर्य नहीं गंवाया।

समय के पाबंद हैं बिग बी… 1969 में आई पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी के बाद 56 वर्ष से फिल्मों में सक्रिय अमिताभ के बारे में कहा जाता है, वे समय के बड़े पाबंद हैं। किसी भी सेट पर वे समय से पहले पहुंच जाते हैं। उनके मेकअप मैन रहे दीपक सावंत कहते हैं, कई बार उन्होंने लगातार 16-17 घंटे तक काम किया और अगली सुबह समय पर ही सेट पर आए। हर टेक से पहले कइ बार रिहर्सल करना उनकी आदत में रहा। आज भी वे 83 वर्ष की उम्र में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। सोशल मीडिया पर उनके करीब 8 करोड़ फॉलोअर हैं।

वे घटनाएं, जो देती हैं जीवन की सीख

युवा अमिताभ ने कभी आकाशवाणी में उद्घोषक बनने की कोशिश की थी। भारी आवाज के कारण उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। लेकिन यही आवाज बाद में उनकी पहचान बनी। सबक: दूसरों को जो कमी लगती है, वह सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

उनकी पहली फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ फ्लॉप रही। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 1973 में ‘जंजीर’ आई, जिसने ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में नए सुपरस्टार का जन्म हुआ। सबक: विफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

1982 में ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान हादसे में वे मौत के मुंह में जा पहुंचे। डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन उन्होंने नहीं। उनकी वापसी सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक जीत भी थी।सबक : जज्बे के आगे किस्मत भी झुकती है।

1999 में उनका प्रोडक्शन हाउस एबीसीएल बुरी तरह डगमगा गया। वे कर्ज में डूबे, लेकिन केबीसी के जरिए नई शुरुआत की। शो से वह कर्ज से बाहर निकले और शो भी लोकप्रिय हुआ। सबक: नई शुरुआत करने के लिए कभी देर नहीं होती।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
Back to top button