“पच्चीस साल बाद कलाकारों का संगम: अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स में “समन्वय” प्रदर्शनी”

अजय मुखोपाध्याय/ झारखंड. समय बदलता है, जिंदगी नई राहों पर चल पड़ती है, लेकिन दोस्ती और कला की जड़े हमेशा गहरी बनी रहती हैं। इसी भावनात्मक जुड़ाव और कला के प्रति समर्पण को दर्शाने के लिए गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट के 1999 बैच के पूर्व छात्रों ने “समन्वय” नामक एक विशेष कला प्रदर्शनी का आयोजन किया।

10 मार्च से 17 मार्च तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में 70 पूर्व छात्रों में से 30 कलाकारों की पेंटिंग और मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। इन कलाकारों ने कला की विभिन्न विधाओं जैसे जल रंग, ऐक्रेलिक, मिश्रित मीडिया, चारकोल, सिरेमिक पेंटिंग, कांस्य और एल्युमिनियम की मूर्तियों में अपने हुनर का प्रदर्शन किया। यह जानकारी कलाकार सुब्रत कुंडू ने दी।

तीन दिवंगत कलाकारों को श्रद्धांजलि

इस कला संगम में तीन दिवंगत कलाकारों अरिंदम सरकार, विवेकनाथ पंडित और सोमा बसु को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। कलाकार राजेश चक्रवर्ती द्वारा बनाई गई इन तीनों की डिजिटल पेंटिंग प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रही।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और पूर्व प्रोफेसरों का सम्मान

प्रदर्शनी में कला जगत के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए और इस पहल की सराहना की। इसके अलावा, कॉलेज के पूर्व प्रोफेसरों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने इन कलाकारों को मार्गदर्शन दिया था।

कलाकारों की सूची और उनके योगदान

इस प्रदर्शनी में रूपा पाल, साहित्य मंडल, राजेश दत्त, पार्थ दास, पलाश दास, अर्नव चटर्जी, अमित चटर्जी, अंजन साहू, असीम पाल, वासुदेव पाल सहित कुल 30 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शनी न केवल एक कला आयोजन थी बल्कि यह कलाकारों के पुनर्मिलन और उनकी जड़ों से जुड़े रहने का प्रमाण भी थी। “समन्वय” ने साबित किया कि कला और दोस्ती समय की सीमाओं से परे होती हैं।

Sarita Tiwari

बीते 24 सालों से पत्रकारिता में है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय तक काम किया ।
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