स्कूलों में बाल सुरक्षा और नशामुक्ति पर जागरूकता

Awareness regarding child safety and de-addiction in schools

रायगढ़ और दुर्ग के शासकीय विद्यालयों में बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, लैंगिक अपराधों से संरक्षण और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में रायगढ़ और दुर्ग जिले के शासकीय विद्यालयों में बाल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।

रायगढ़ जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर में 6 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को नशे के गंभीर दुष्प्रभाव और इससे बचने के उपाय बताए गए। साथ ही किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और पॉक्सो अधिनियम, 2012 के अंतर्गत बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी तथा मोबाइल के सुरक्षित उपयोग और उसके दुरुपयोग से जुड़े पहलुओं के बारे में भी समझाया गया।

कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका बताई गई। बच्चों को समझाइश दी गई कि किसी जरूरतमंद या संकटग्रस्त बच्चे की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन नंबर 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचना दें, ताकि समय पर सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

दुर्ग जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोडपेंड्री में 5 अक्टूबर को जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के निर्देशानुसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई, मिशन शक्ति और चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम, पॉक्सो अधिनियम, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण और फॉस्टर केयर की जानकारी दी। इसके साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, साइबर सुरक्षा तथा घरेलू हिंसा से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी संकट या असुरक्षित स्थिति में विश्वसनीय वयस्कों तथा संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।

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