घर बनाने पर GST कटौती का लाभ, फ्लैट खरीदारों का क्या होगा? जानिए सबकुछ

नई दिल्ली. जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में निर्माण सामग्री पर टैक्स घटाने का बड़ा फैसला लिया गया है। इसका असर घर बनाने वालों और फ्लैट खरीदने वालों पर अलग-अलग तरीके से देखने को मिल सकता है। खुद से अपना मकान बनवा रहे लोगों को सीधी राहत मिलेगी, लेकिन फ्लैट खरीदारों के लिए यह मामला पेचीदा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग अपने लिए घर बनवा रहे हैं या इसकी तैयारी कर रहे हैं, उनकी जेब पर बोझ थोड़ा कम होगा। सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। सीमेंट आमतौर पर निर्माण लागत का लगभग 20% होता है। यानी यह बदलाव कुल लागत में करीब 2% की बचत दिला सकता है। इसके अलावा मार्बल, रेत-चूना, ईंटें और लकड़ी आधारित उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। ये मिलकर निर्माण लागत का लगभग 5-10% हिस्सा होते हैं। इसका मतलब है कि आम आदमी को कुल लागत में और भी राहत मिल सकती है। रियल एस्टेट रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में अधिकतर घर व्यक्तिगत निर्माण के रूप में ही बनते हैं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में। ऐसे में यह टैक्स कटौती सीधे तौर पर आम आदमी को फायदा पहुंचा सकती है।
सीबीआईसी करेगी दामों की सख्त निगरानी
सरकार ने सीबीआईसी को निर्देश दिया गया है कि वह बाजार में कीमतों पर कड़ी निगरानी रखे, ताकि कंपनियां जीएसटी कट का फायदा खुद तक सीमित न रखें। सीबीआईसी की टीमें पूरे देश में तैनात की जा रही हैं, जो 22 सितंबर से पहले व बाद के भाव पर नजर रखेंगी। अफसरों को कम हुए जीएसटी वाले सामान की लिस्ट तैयार रखने को कहा है। एमआरपी में बदलाव करके टैक्स कट का फायदा खुद तक रखने की इजाजत कंपनियों को नहीं होगी। कंपनियां टैक्स कट का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचातीं तो कार्रवाई होगी।
अपार्टमेंट खरीदारों के लिए स्थिति जटिल
विशेषज्ञों ने कहा, ज्यादातर बिल्डर ठेकेदारों से काम करवाते हैं। ठेकेदार सीमेंट जैसी सामग्री खरीदते समय जो टैक्स देते हैं, उसका फायदा वे इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के जरिए लेते हैं। इससे बिल्डर की लागत पर टैक्स का बोझ ज्यादा नहीं पड़ता। सीमेंट पर टैक्स घटने से फ्लैट की कीमतों में तुरंत कमी दिखना मुश्किल है। अगर कोई बिल्डर खुद सीमेंट खरीदता है, तो उसका टैक्स खर्च कम होगा और शायद ग्राहकों को भी थोड़ा फायदा मिले।
कमर्शियल इमारतों पर भी असर सीमित
किराए के लिए बनने वाली कमर्शियल इमारतों पर असर सीमित रहेगा। यहां भी ठेकेदारों के जरिए निर्माण होता है और जीएसटी का बोझ आईटीसी के जरिए समायोजित हो जाता है। ऐसे में संभव है दुकान या व्यावसायिक स्थल की खरीद पर टैक्स छूट का लाभ ग्राहकों को न मिले।
क्या बिल्डर राहत देंगे?
जीएसटी कटौती के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या बिल्डर सीधे फ्लैट खरीदारों को कोई राहत देंगे। क्या उनकी कोई कानूनी या नैतिक जिम्मेदारी है कि वे टैक्स बचत का फायदा खरीदारों तक पहुंचाएं। इस मामले में फिलहाल सरकार ने सख्त नियम बनाने की बजाय भरोसे पर जिम्मेदारी बिल्डर पर छोड़ी है।











