बजट 2026 की तैयारी तेज, विभागों से ‘मोदी की गारंटी’ का रिपोर्ट कार्ड मांगेगी राज्य सरकार

रायपुर. राज्य सरकार के दो साल का कार्यकाल 13 दिसम्बर को पूरा होगा। इसके साथ ही सरकार मार्च 2026 में अपना तीसरा मुख्य बजट जनता के सामने रखेगी। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। इस बार तैयारियों के पैटर्न में थोड़ा बदलाव भी नजर आ रहा है। दरअसल, वित्त विभाग ने सभी विभाग से सरकार के संकल्प-पत्र में दिए गए प्रमुख ङ्क्षबदु के क्रियान्वयन का हिसाब-किताब मांगा है। यह काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बता दें कि सरकार ने मोदी की गारंटी को सरकार का संकल्प-पत्र माना है। भाजपा ने सरकार बनाने के समय मोदी की 20 गारंटी के साथ अन्य वादे किए थे। दो साल पूरा होने के बाद अब एक तरह से इसकी समीक्षा होगी, ताकि आने वाले समय में जनता की कसौटी पर भी खरा उतरा जा सकें।
वित्त विभाग ने बजट की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए 10 दिसम्बर से सचिव और विभागाध्यक्षों से चर्चाओं का दौर शुरू हो जाएगा। वित्त विभाग 24 दिसम्बर तक सभी विभागों से चर्चा कर बजट का एक खाका तैयार करेगा। चर्चा से पहले वित्त विभाग बजट की तैयारियों को लेकर 17 ङ्क्षबदुओं पर गाइडलाइन जारी की है। इसमें इस बार इस बात का भी प्रमुखता से ध्यान रखा जाएगा कि विभागों ने पिछले बजट की राशि का कितना उपयोग किया है। प्रमुख योजनाएं धरातल पर उतरी की नहीं। बता दें कि कई विभाग ऐसे हैं, जो अपनी बजट का पूरा हिस्सा खर्च ही नहीं कर पाते हैं। कई योजनाएं ऐसी होती हैं, जिसका पूरी तरह पालन नहीं हो पाता है। यही वजह है कि सभी विभाग से प्रमुख योजनाओं की जानकारी विस्तार से मांगी गई है।
नए पदों के लिए भर्ती की जानकारी भी
प्रदेश के करीब-करीब सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी है। वहीं, कुछ विभाग खास कर शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे विभागों में नए पदों की मंजूरी बजट में मिलती है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया नहीं हो पाती है। यही वजह है वित्त विभाग ने सभी विभाग ने नवीन पदों का सृजन एवं भर्ती की सहमति की जानकारी भी मांगी है। इसके अलावा विभागों को दैनिक वेतनभोगी एवं कार्यभारित-आकस्मिकता स्थापना में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी भी देनी होगी।
देेनी होगी ई-केवायसी की जानकारी
राज्य सरकार का प्रयास है कि जिन योजनाओं के हितग्राहियों के बैंक अकाउंट में राशि ट्रांसफर की जाती है, उन सभी का ई-केवायसी हो, ताकि योजनाओं की राशि सही लोगों तक आसानी से पहुंच सके। इसके लिए सरकार ने हितग्राहीमूलक योजनाओं में ई-केवायसी अनिवार्य की है। अब सभी विभाग को ई-केवायसी की मौजूदा स्थिति की जानकारी देनी होगी।
मोदी की गारंटी की ये प्रमुख योजना धरातल पर
कृषि उन्नत योजना के तहत किसानों से प्रति एकड़ 21 ङ्क्षक्वटल धान की खरीदी 3100 रुपए के हिसाब से की जा रही है।
महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो गई है।
चरणबद्ध तरीके से शासकीय विभागों में भर्ती की शुरुआत। 5 साल में 1 लाख भर्ती का लक्ष्य।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित 18 लाख आवासों को पहली कैबिनेट में मंजूर किए।
तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि। बोनस की सौगात, चरण पादुका योजना की शुरुआत।
दीनदयाल उपाध्याय
कृषि मजदूर कल्याण योजना
की शुरुआत।
सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बडिय़ों की जांच हुई शुरू।
स्टेट कैपिटल रीजन के गठन के लिए तैयारी हुई तेज। प्राधिकरण के गठन को मिली मंजूरी।
श्रीरामलला दर्शन योजना की शुरुआत।
इन प्रमुख योजनाओं पर काम होना बाकी
आयुष्मान के तहत 5 लाख की बीमा राशि 10 लाख तक करना।
बीपीएल वर्ग की बालिकाओं को जन्म के समय 1 लाख 50 हजार रुपए के आश्वासन प्रमाण-पत्र जारी करने की पहल।
गरीब परिवार की महिलाओं को 500 रुपए में गैंस सिलेंडर।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोग का गठन और मॉनीटङ्क्षरग के लिए वेबसाइट का निर्माण।
हर संभाग में छत्तीसगढ़ इंस्टीट््यूट ऑफ मेडिकल साइंस का निर्माण।











