चाहे दंतेवाड़ा हो या बलौदाबाजार..छत्तीसगढ़ के युवा IAS अफसर ने पेश की मिसाल, अब केंद्र सरकार में मिली बड़ी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईएएस अफसर दीपक सोनी को भारत सरकार ने नई पोस्टिंग दी है। उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में डायरेक्टर बनाया गया है। राज्य सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति पर सहमति दी थी। जिसके बाद अब उन्हें अब दिल्ली बुलाया है। दीपक वर्तमान में बलौदाबाजार जिले के कलेक्टर हैं। बता दें कि आईएएस दीपक साहू अपने कार्यशैली और नवाचारों को लेकर वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। यहीं वजह है कि उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। चलिए जानते है आईएएस दीपक सोनी के बारे में…

मूलत: दुर्ग के रहने वाले

युवा IAS अधिकारी दीपक सोनी मूलत: दुर्ग के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1985 को हुआ था। उन्होंने कॉमर्स से बीकॉम कर ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी की और इसमें सफल भी हुए। 120 वीं रैंक लाकर वे आईएएस बने हैं। 29 अगस्त 2011 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की है। वे रायपुर जिले के जिला पंचायत सीईओ रहे हैं। इस दौरान रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी के इस्तीफा देने के बाद रायपुर के प्रभारी कलेक्टर रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर हुए सम्मानित

युवा IAS अधिकारी दीपक सोनी को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में एक करोड़ रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह उपलब्धि केवल बलौदाबाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे पहले भी उन्होंने विभिन्न जिलों में नवाचारों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनके कार्यों की चर्चा देशभर में होती रही है। बता दें बलौदाबाजार जिले के कलेक्टर से पहले वे बस्तर के नक्सल प्रभावित जिला दंतेवाड़ा, कोंडागांव में भी अपनी सेवाएं दी। इस दौरान अपने कामों से मिशाल पेश किए।

दंतेवाड़ा को मिली नई पहचान

आईएएस दीपक सोनी की पोस्टिंग रायपुर, सूरजपुर, बस्तर के दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों में भी रही है। दंतेवाड़ा में तैनाती के दौरान उन्होंने जिले की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने डैनेक्स गारमेंट फैक्ट्री की शुरुआत की, जिससे दंतेवाड़ा को एक नई पहचान मिली और हजारों महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर खुले। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरेंडर नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने की पहल की और नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वयं बाइक पर सवार होकर ग्रामीणों तक मूलभूत सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं। इन कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हुई थी। कोंडागांव जिले में भी उनकी कई उपलब्धियां दर्ज हैं।

कलेक्ट्री की शुरुआत सूरजपुर से

पहली बार दीपक सोनी को कलेक्ट्री सूरजपुर जिले की मिली। सूरजपुर के बाद में दंतेवाड़ा के कलेक्टर रहे। फिर कोंडागांव के कलेक्टर बने। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग रहें। इसके बाद आयुक्त और पंजीयक सहकारी संस्थाएं है। इस समय वे बलौदा बाजार जिले कलेक्टर हैं। अब वे सेन्ट्रल डेपुटेशन पर दिल्ली जा रहे हैं, भारत सर्कार में उन्हें हेल्थ डिपार्टमेंट में डायरेक्टर की पोस्टिंग मिली है।

बलौदाबाजार में बेहद तनावपूर्ण माहौल में संभाली कमान

बलौदाबाजार में हुए भीषण अग्नी कांड आज भी लोगों के जेहन में जाता है। इस बेहद तनावपूर्ण माहौल में साल 2024 में, विष्णु सरकार ने दीपक सोनी को बलौदाबाजार का कलेक्टर नियुक्त किया। ऐसे स्थिति में दीपक सोनी ने अपने कार्यशैली से स्थिति को काबू में किया और लोगों से मुलाकातें कीं और सरकार की योजनाओं पर उसी जुनून के साथ काम शुरू किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उनके कार्यों की गूंज दिल्ली तक पहुंची और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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