छत्तीसगढ़ में मकानों की 263 परियोजनाओं को मंजूरी, 36 माह में होंगे पूरे

रायपुर. केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति ने प्रदेश की 263 परियोजनाओं को मंजूर दी है। इसके तहत 36 माह में काम पूरे होंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ को 435 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता मंजूर की गई है। इससे राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस मंजूरी से सभी के लिए आवास के संकल्प को नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार को लाभार्थी आधारित निर्माण घटक के तहत 13 हजार 58 आवासों को स्वीकृति दी गई है। इनमें पात्र हितग्राही अपनी स्वयं की भूमि पर पक्का घर बना सकेंगे। प्रथम बैच में 52 परियोजनाओं के माध्यम से 3844 आवासों को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 57 करोड़ 66 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। वहीं, द्वितीय बैच में 159 परियोजनाओं के अंतर्गत 9214 आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 138 करोड़ 21 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इन आवासों की प्रति इकाई परियोजना लागत लगभग 3 लाख 89 हजार रुपए निर्धारित की गई है।
किफायती आवास साझेदारी घटक के तहत 15,363 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत शासकीय भूमि पर सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे, जिनमें स्लम पुनर्विकास और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध होंगे। इस घटक के प्रथम बैच में 24 परियोजनाओं के जरिए 6996 आवासों को मंजूरी दी गई है, जबकि दूसरे बैच में 28 परियोजनाओं के माध्यम से 8367 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन आवासों की प्रति इकाई लागत 5 लाख 75 हजार रुपए तय की गई है। ये सभी परियोजनाएं 36 महीनों में पूर्ण की जाएंगी।
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52 हजार 588 आवासों का प्रस्ताव
भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक 50 हजार आवासों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने का लक्ष्य दिया था। छत्तीसगढ़ ने 52,588 आवासों का प्रस्ताव भेजकर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्य की इस सक्रियता और तत्परता की सराहना भी की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, भू-अभिलेख, लाभार्थी सूची और यूनिफाइड वेब पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई हैं।
पात्र लोगों को किराए पर देगा सूडा
बैठक में बिलासपुर जिले के रतनपुर में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है। यह परियोजना भारत सरकार की नवाचार आधारित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे देश के चुनिंदा राज्यों में ही स्वीकृत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आधुनिक और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर 40 आवास बनाए जाएंगे। इनका निर्माण भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद द्वारा किया जाएगा। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा ) इन आवासों को पात्र लोगों को किराए पर उपलब्ध कराएगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव की विशेष कोशिशों से रतनपुर को यह परियोजना मिली है।










