प्रदेश के 5 लाख कर्मियों के नियमितीकरण का दावा ठंडे बस्ते में… की थी 100 दिन में वादा पूरा करने की घोषणा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में करीब 5 लाख कर्मचारी ऐसे हैं, जो सरकार विभिन्न में कई वर्षों से अनियमित रूप से सेवा दे रहे हैं। राजनीतिक दलों ने इन कर्मियों से वादे कर वोट तो लिए, लेकिन उनसे किए गए वादे आज तक पूरे नहीं कर पाए। कांग्रेस ने भी नियमितीकरण का वादा किया था, पूरा नहीं किया। वहीं, पिछले चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी के तहत कहा था कि भाजपा की सरकार बनते ही 100 दिन में वादे पूरे किए जाएंगे, लेकिन सरकार बनने को दो साल होने जा रहा है, पर अभी वादा पूरा नहीं किया है।
इसके लिए समिति भी बनाई गई, पर आज तक निर्णय नहीं हो पाया। वहीं, भाजपा ने यह भी वादा किया था कि सिर्फ नियमितीकरण ही नहीं, अनियमित कर्मियों की जो समस्याएं हैं उसे भी दूर की जाएंगी। पिछले पौने दो साल से विभिन्न अनियमित कर्मियों द्वारा शासन-प्रशासन के जिम्मेदारों को लगातार ज्ञापन सौंपा जा रहा है, पर समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है।

सबसे ज्यादा निकायों, वन, स्वास्थ्य और बिजली विभाग में अनियमित कर्मी: जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा सरकार के नगरीय निकायों, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग में अनियमित कर्मियों की संख्या हैं। नगरीय निकायों में ही प्रदेशभर में 25 हजार से अधिक अनियमित कर्मी हैं। इसके बाद राजस्व, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत, पुलिस, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में अनियमित कर्मी है।
प्लेसमेंट एजेंसियों तक पहुंचा रहे फायदा
अनियमित कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन के अधिकारी अपनी चहेती प्लेसमेंट एजेंसियों को फायदा पहुंचाने के लिए विभागों में ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं। समिति द्वारा रिपोर्ट मांगने के बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है, प्लेसमेंट एजेंसी से मिलने वाला कमीशन पर ब्रेक न लगे।
वेतन भी कम दिया जा रहा
विभागों में कई वर्षों से रखे गए अनियमित कर्मियों को वेतन भी सम्मानजनक नहीं दिया जा रहा है। सरकार के ही अलग-अलग विभागों में अलग-अलग तरह के वेतन दिए जा रहे हैं। कहीं 23 हजार रुपए तो कहीं पर 10 से 15 हजार रुपए तक दिया जा रहा है। इस पर समानता लाने के लिए अनियमित कर्मियों ने भी कई बार मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा, आश्वासन के अलावा कोई नतीजा नहीं निकला।
अनियमित कर्मियों में भारी आक्रोश
भाजपा सरकार द्वारा 100 दिन में वादा पूरा नहीं करने को लेकर विभिन्न विभागों के अनियमित कर्मियों में भारी आक्रोश है। आगामी विधानसभा सत्र के दौरान बड़ा आंदोलन करने की रणनीति भी बनाई जा रही है, ताकि अपनी मांगों का ध्यानाकर्षण सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों-विधायकों और नेताओं तक करा सकें।











