Diwali 2025: आज से पांच दिवसीय दीपोत्सव का उल्लास, जानिए शुभ मुहूर्त

रायपुर. दीपों का पांच दिवसीय उत्सव शनिवार से शुरू हो रहा है। इस पंचामृत से बाजार, घर सबकुछ पवित्र और समृद्ध हो जाते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार अमृत और शुभ की चौघड़िया में हर दिन शुभ मुहूर्त का संयोग है। पांच दिनों में धनतेरस, रूपचौदस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज का उल्लास छाएगा। महामाया मंदिर रायपुर के पं. मनोज शुक्ला के अनुसार धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन में भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए यह तिथि नई सामग्री घर आने पर विशेष फलदायी और भगवान धन्वंतरि की जयंती पर पूजा-अर्चना से अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जा सकती है।
दिवाली 20 कोे
पंडित शुक्ला के अनुसार दिवाली 20 अक्टूबर, दिन सोमवार को मनाना श्रेष्ठ है। क्योंकि महालक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि ही शास्त्र समत है, जो कि 20 अक्टूबर को ही है। दूसरे दिन 21 अक्टूबर मंगलवार को देवपितृ अमावस्या है। इसलिए गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव 22 अक्टूबर बुधवार को और भाईदूज 23 अक्टूबर को है।
आगे भी पर्व और त्योहार
दिवाली के बाद भी पर्व और त्योहर हैं। दिवाली के बाद सबसे बड़ा आयोजन छठ पर्व कर होता है। जो कि राज्य में भी मनाया जाएगा।
महालक्ष्मी पूजन के लिए तैयार होंगी गृह लक्ष्मी
कार्तिक चतुर्दशी को रूप चौदस के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि 19 अक्टूबर को है। इस दिन घर परिवार में खुशहाली के लिए यम के नाम पांच दीप जलाकर सुख शांति की प्रार्थना करनी चाहिए। इसी दिन गृह लक्ष्मी यानी माताएं, बहनें महालक्ष्मी पूजन करने के लिए रूप निखारती हैं।
आज 13 दीपों से जगमगाएंगे घर
धनतेरस पर की गई खरीदारी जितनी फलदायी है, उतना ही जीवन में आरोग्यता का भी महत्व है। ज्योतिषी मनोज शुक्ला के अनुसार सोना-चांदी, बर्तन, नए वाहन, भूमि-भवन जैसे शुभ अमृत योग में खरीदना विशेष फलदायी, वृद्धिकारक माना गया है। आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की पूजा आराधना करनी चाहिए। आज धनतेरस पर घरों में 13 दीपक जलाए जाएंगे।











