एक साथ परीक्षा देने पहुंची सास-बहू, इधर जेल में कैदियों ने भी हल किया पर्चा

बिलासपुर में 493 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें बिल्हा 52, मस्तूरी 56, तखतपुर 63 और कोटा विकासखंड में सर्वाधिक 322 केंद्र शामिल रहे।

साक्षरता कार्यक्रम उल्लास के तहत रविवार को आयोजित आकलन परीक्षा में जिले के लगभग 90 प्रतिशत असाक्षर शिक्षार्थियों ने भाग लेकर साक्षरता की नई मिसाल पेश की। जिले में 493 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें बिल्हा 52, मस्तूरी 56, तखतपुर 63 और कोटा विकासखंड में सर्वाधिक 322 केंद्र शामिल रहे।

33260 असाक्षरों को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य

कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण अध्यक्ष की पहल पर असाक्षरों को नेवता पाती भेजकर परीक्षा के लिए आमंत्रित किया गया था। कहीं सास-बहू ने साथ परीक्षा दी, तो कहीं बुजुर्ग दंपतियों ने भी अपनी उपस्थिति से सभी को प्रेरित किया। इस बार बिलासपुर को 33260 असाक्षरों को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य मिला था। इनमें वे लोग भी शामिल रहे जो पिछली परीक्षा में अनुपस्थित या अनुत्तीर्ण रहे थे।

बिलासपुर की साक्षरता दर 74.76

2011 की जनगणना के अनुसार बिलासपुर की साक्षरता दर 74.76त्न है। वर्ष 2030 तक देश को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य के तहत यह परीक्षा आयोजित की गई। विशेष रूप से कक्षा 10वीं और 12वीं के वे विद्यार्थी जो 10 असाक्षरों को शिक्षित करते हैं, उन्हें बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक देने की व्यवस्था भी
लागू है।

जेल: 100 महिला – पुरुष बंदियों ने दिए एग्जाम

सभी प्रतिभागियों को स्वयंसेवकों ने 200 घंटे का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया, जिसमें पढऩा-लिखना, संख्यात्मक ज्ञान और प्रवेशिका के सातों भाग शामिल थे। केन्द्रीय जेल के 100 महिला-पुरुष बंदियों ने भी पढ़ाई पूरी कर इस महा परीक्षा में भाग लिया। जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने जेल परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
Back to top button