हो जाओ तैयार…ला-नीना के कारण पड़ेगी कड़ाके की सर्दी, मौसम विभाग की भविष्यवाणी

नई दिल्ली. देश में मानसून सीजन में रेकार्ड बारिश के बाद इस साल सर्दी भी कड़ाके की पड़ने वाली है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने मौसम विज्ञान विभाग और वैश्विक जलवायु मॉडल्स के हवाले से कहा है कि दिसंबर से फरवरी के बीच ला-नीना की वापसी को देखते हुए उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ने की पूरी संभावना है। साथ ही मानसून की अतिरिक्त बारिश से वायुमंडल में नमी बढ़ी है, जो देश में सर्दियों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं व पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर तापमान को रेकॉर्ड निचले स्तर पर धकेल सकती है। देश में इस साल मानसून में मौसम विभाग की भविष्यवाणी से भी अधिक 108 फीसदी तक बारिश हुई। पोस्ट मानसून अभी भी देश में कई जगह बारिश कर रहा है।
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार वर्तमान में स्थितियां सामान्य हैं, लेकिन मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब ला-नीना के नए दौर की संभावना बढ़ जाएगी। आईएमडी के मॉडल अक्टूबर-दिसंबर में ला-नीना विकसित होने की 50त्न से अधिक संभावना दिखा रहे हैं जबकि अमरीका के नेशनल वेदर सर्विस सेंटर ने इसकी प्रबल संभावना बताई है।
अलर्ट: चक्रवात ‘शक्ति’ से होगी भारी बारिश
नई दिल्ली. आईएमडी ने चक्रवाती तूफान ’शक्ति’ और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शनिवार सुबह तूफान की गति करीब 18 किमी प्रति घंटे तक रही। तूफान गुजरात के द्वारका से 420 किमी दूर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। 5 अक्टूबर तक उत्तर-पश्चिम अरब सागर में रहेगा, फिर 6 अक्टूबर से पूर्वोत्तर की ओर मुड़कर धीरे-धीरे कमजोर होगा। चक्रवात के प्रभाव से गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
ला-नीना से इसलिए बढ़ती है सर्दी
ला-नीना प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्री सतह के तापमान के सामान्य से अधिक ठंडा होने की स्थिति है। प्रशांत महासागर का तापमान पहले ही सामान्य से ठंडा है। यदि यह -0.5 डिग्री से नीचे तीन माह तक बना रहता है, तो इसे ला-नीना घोषित किया जाएगा। ला-नीना के कारण निचले स्तर की चक्रीय हवाएं उत्तरी अक्षांशों से ठंडी हवा भारत की ओर खींच लाएगी। इससे पारा तेजी से नीचे गिर जाता है। इस पैटर्न का असर दुनिया के मौसम पड़ेगा। ला-नीना भारत में असामान्य ठंड, शीतलहर और भारी बर्फबारी का कारण बना है।
चेतावनी : हिमालयी क्षेत्र में ज्यादा बर्फबारी
अच्छी बारिश के कारण भी बढ़ेगी सर्दी
ला-नीना के दौरान भारत में सर्दियां सामान्य से ज्यादा ठंडी हो जाती हैं। इस बार अच्छी बारिश से हुई नमी ने इस संभावना को बढ़ा दिया है। -राधेश्याम शर्मा, निदेशक, आईएमडी जयपुर
आईआईएसईआर मोहाली व ब्राजील के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च के संयुक्त शोध में ला-नीना बनने की संभावना के साथ यह चेतावनी दी है।
2मैदानी इलाकों (उत्तर व उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत क्षेत्र) में न्यूनतम तापमान जीरो से माइनस 5 डिग्री तक पहुंच सकता है। ठंडी हवाओं का लंबा दौर।
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी सामान्य से अधिक होगी। हिमालय रेंज व ऊंचे इलाकों में अधिक ठंड रहेगी। रात का पारा माइनस 5 से माइनस 15 डिग्री या इससे भी नीचे जा सकता है।











