हल्बा समाज: संगठन और जागरूकता की मिसाल

Halba Community: An Example of Organization and Awareness

रेवाडीह में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख की घोषणा

रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है। समाज ने न केवल अपनी समृद्ध परंपराओं को जीवंत रखा है, बल्कि देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।

डॉ. सिंह रविवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं प्रथम सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज की मजबूत संगठनात्मक संरचना उसे देशभर में एक अलग पहचान दिलाती है।

डॉ. सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तक हर क्षेत्र में प्रेरणादायी भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान और विकास को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वनधन विकास केंद्र और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं पीएम जनमन धरती आबा उत्कर्ष ग्राम अभियान इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से युवाओं को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को सशक्त बनाने तथा समाज की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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