क्रिकेट के जुनून से उन्हें मिला खास मुकाम: वृंदा राठी

वृंदा घनश्याम राठी भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक प्रेरणादायक नाम हैं, जिन्होंने न केवल क्रिकेट के मैदान पर बल्कि सामाजिक और लैंगिक बाधाओं को तोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वह भारत की पहली महिला टेस्ट अंपायर हैं, जिन्होंने अपने समर्पण, कठिन परिश्रम और जुनून से क्रिकेट की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई।

वृंदा का जन्म 14 फरवरी 1989 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ। नवी मुंबई में पली-बढ़ी वृंदा का क्रिकेट के प्रति रुझान बचपन से ही था। उनके परिवार ने उनकी रुचि को प्रोत्साहित किया, जिसने उनके भविष्य के कॅरियर की नींव रखी। उनकी शिक्षा और परवरिश ने उन्हें अनुशासित और लक्ष्य-उन्मुख बनाया। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उन्हें खेल के नियमों और तकनीकी पहलुओं की गहरी समझ की ओर ले गया, जो बाद में उनकी अंपायरिंग कॅरियर का आधार बना।

वृंदा राठी ने 14 दिसंबर 2023 को नवी मुंबई के डीवाय पाटिल स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच महिला टेस्ट मैच में अंपायरिंग करके इतिहास रच दिया। राठी टेस्ट में अंपायरिंग करने वाली भारत की पहली महिला अंपायर बन गईं। मुंबई की रहने वाली वृंदा ने अंपायरिंग की शुरुआत नवी मुंबई से ही की।

साल 2014 में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अंपायरिंग के लिए परीक्षा आयोजित की थी, इसमें राठी ने परीक्षा पास की। इसके 4 साल बाद साल 2018 में उन्होंने बीसीसीआई की अंपायरों की परीक्षा पास की। इसके बाद 34 साल की राठी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 13 महिला वनडे और 43 टी-20 मैचों में अंपायरिंग की है।

साल 2020 में वृंदा तब अंतरराष्ट्रीय अंपायर बन गईं, जब उनको आईसीसी डवपलमेंट पैनल ऑफ अंपायर्स में प्रमोट किया गया। साल 2022 में राठी ने ब्रिटेन में आयोजित कॉमनवेल्थ गेस में भी अंपायरिंग की। इसके बाद उन्होंने अंपायरिंग में कई रेकॉर्ड्स बनाए। वृंदा और नारायण की जोड़ी ने रणजी ट्रॉफी के सीजन 2022-23 में गोवा और पुडुचेरी के बीच मैच में भी अंपायरिंग की।

साल 2023 में साउथ अफ्रीका में महिलाओं का टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया। इसमें भी वृंदा राठी ने अंपायरिंग की। वृंदा पहली वूमेंस प्रीमियर लीग के फाइनल में भी अंपायर बनीं। इसके साथ ही वे चीन के हांगझू में आयोजित एशियन गेस में भी फील्ड में दिखाई दीं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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