साय कैबिनेट मंत्रियों को सताने लगा ये डर? कामकाज में दिख रहा असर, चल रही फेरबदल की चर्चा और…

पिछले दिनों गुजरात में वहां के भाजपा सरकार के सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेकर नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया। कई पुराने मंत्रियों को घर बैठा दिया गया। अब इसका खौफ छत्तीसगढ़ में यहां के भाजपा सरकार के मंत्रियों में मंडराने लगा है। यहां भी फेरबदल की चर्चा दबी जुबान से ही भाजपा के भीतर सियासी और प्रशासनिक गलियारे में होने लगी है। जब से गुजरात में शीर्ष नेतृत्व ने प्रयोग किया है तब से छत्तीसगढ़ के मंत्रियों ने अपने कामकाज में तेजी से बदलाव किया है। सभी ज्यादातर समय अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र और प्रभार वाले क्षेत्रों में बिताने लगे हैं।
विभागों में प्रशासनिक कसावट पर जोर
सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में प्रशासनिक कसावट पर भी फोकस कर रहे हैं। समय-समय पर ली जाने वाली समीक्षा बैठक में शिकायतों के निराकरण और योजनाओं के क्रियान्वयन पर ज्यादा जोर दिया जाता है। साथ ही कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं, ताकि बाकी अधिकारियों-कर्मचारी काम में लापरवाही न बरतें।
विधायक भी क्षेत्रों का कर रहे दौरा
भाजपा विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों में ज्यादा दौरा करना शुरू कर दिया है। साथ ही लोगों की समस्याओं और मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री-मंत्री तक आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं।
सामाजिक कार्यों में ज्यादा रुचि
विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में क्षेत्रों में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। इस दौरान लोगों से मेल-मुलाकात में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बातें सुनना, उनकी समस्याओं का निराकरण करना, आम जनता की मांगों को पूरा करने पर ज्यादा फोकस किए हुए हैं, ताकि संगठन के पास उनकी रिपोर्ट अच्छी जाए।
शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच रही रिपोर्ट
बताया जाता है कि साय सरकार के मंत्रियों और विधायकों की हर माह रिपोर्ट गुप्त रूप से भेजी जा रही है। इसमें मंत्रियों-विधायकों के व्यवहार से लेकर कामकाज के तरीके व अन्य बिंदु शामिल होते हैं। जिन मंत्रियों-विधायकों का परफारमेंस ठीक नहीं रहता है, उन्हें सुधार के लिए नसीहतें भी दी जाती हैं। सूत्र बताते हैं साय सरकार के चार मंत्रियों का परफारमेंस इन दिनों ठीक नहीं है। बीच में चर्चा उठी थी कि इन चारों को हटाया भी जा सकता है।
भूमिपूजन और लोकार्पण पर फोकस
कद्दावर मंत्रियों तो लगातार अपने-अपने प्रभार वाले जिलों के साथ विधानसभा में लगातार सक्रिय थे। अब तो छोटे कद वाले मंत्रियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में दौरा तेज कर दिया है। इस दौरान क्षेत्र में विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।











