मिडिल क्लास फैमिली हैप्पी! टैक्स स्लैब में बदलाव से जानें किसे क्या मिला..

नई दिल्ली. जयपुर के मोहित की फैमिली में सभी खुश हैं। मोहित भी खुश हैं कि उनके लिए घर और कार का इंतजाम करना आसान हो गया है। पत्नी खुश हैं कि किचन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों के कई सामान सस्ते हो गए। उनका बड़ा बेटा राहुल खुश है कि उसे बाइक चाहिए थी, जो कि अब पापा के बजट में आ जाएगी। छोटी बेटी प्रिया खुश है कि स्कूल जाने के लिए दादाजी से नई साइकिल की जिद अब पूरी करवा लेगी। मोहित के बुजुर्ग माता-पिता भी खुश हैं कि दवाओं का खर्च कम हो जाएगा, साथ ही लाइफ-टर्म और हैल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भी सस्ता पड़ेगा।

जीएसटी के स्लैब में बदलाव से केवल मोहित ही नहीं, बल्कि देश की लगभग हर फैमिली खुश है। जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद हर वर्ग, हर उम्र के लोगों पर राहत की ऐसी बारिश हुई कि दिवाली से पहले ही दिवाली का माहौल बन गया है। महिला, पुरुष, बच्चे, बूढ़े सभी प्रसन्न हैं। मोहित कहते हैं कि इतनी खुशी तो बजट की घोषणाओं के बाद भी नहीं हुई थी। लंबी कवायद के बाद आखिरकार जीएसटी सुधार की योजना साकार हो गई है। जीएसटी काउंसिल ने 12% और 28% स्लैब को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अब केवल 5 फीसदी और 18 फीसदी वाले स्लैब रहेंगे। इससे हालांकि सिन गुड्स और लग्जरी गुड्स के लिए 40% टैक्स की एक अलग कैटेगरी रहेगी। वहीं सोने-चांदी और डायमंड ज्वैलरी पर 3% जीएसटी बरकरार है। रफ डायमंड पर जीएसटी 0.25% है।

खुशी से उछल गए बच्चे

स्कूली पढ़ाई का खर्च अब कम होने वाला है। सरकार ने एजुकेशन सामग्री में बड़ी राहत दी है और नोटबुक्स से लेकर पेंसिल, शार्पनर, इरेजर तक सब पर लगने वाला 12% टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया है। मैप्स, चार्ट्स और ग्लोब्स वगैरह पर भी टैक्स अब जीरो कर दिया गया है। बच्चों के खिलौने पर भी जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दी गई है। साइकल पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया है। वहीं 350 सीसी से कम की बाइक पर जीएसटी 28% के बदले 18% हो गया है।

बुजुर्गों को भी राहत

एक बड़ी राहत घर के बुजुर्गों को इंश्योरेंस के मोर्चे पर मिली है। उनके जीवन और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम का खर्च अब काफी कम होने वाला है। बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी को खत्म कर दिया गया है। जीवनरक्षक दवाओं और हेल्थकेयर के अन्य प्रॉडक्ट्स पर भी टैक्स कम किया गया है। जैसे कि थर्मामीटर अब 18% से 5% के दायरे में ला दिया गया है। मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स, चश्मे आदि पर अब 12% की बजाय 5% जीएसटी ही लगेगा।

राशि पहले टैक्स अब टैक्स बचत

मासिक घरेलू खर्च 6000 720 300 420

कपड़े-जूते 3000 360 150 210

पर्सनल केयर 2000 360 100 260

टर्म इंश्योरेंस 3000 540 0 540

उपभोक्ता वस्तुएं 2500 450 125 325

बच्चों की स्टेशनरी 1000 120 0 120

१,८७५

२२,५००

सालाना बचत

मासिक बचत

(सभी राशि रुपए में, मान लीजिए 50,000 रुपए के वेतन में कोई व्यक्ति किराए पर 15,000 रुपए, 20,000 रुपए घरेलू सामान पर खर्च करता है। बाकी राशि बचत या अन्य खर्चों में जाती है।

रेस्टोरेंट: खाने पर अब 5% जीएसटी लगेगा, जो पहले 12-18% था।

(सभी राशि रुपए में)

खाने-पीने की चीजों पर बचत

सामान पहले (५त्न) अब (०त्न) बचत

पनीर (500 ग्राम) 350 335 15

छेना (500 ग्राम) २०० १९० १०

पिज्जा ब्रेड 40 38 2

दूध (टेट्रा पैक) 70 67 3

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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