प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ मसूराम का सपना

Masuram's dream came true with the Prime Minister's Housing Scheme

रायपुर । ग्रामीण स्तर पर पक्का आवास निर्माण किये जाने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) क्रियान्वित की जा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र परिवारों को 25 वर्ग मीटर तक पक्की छत वाले आवास निर्माण किये जाने हेतु सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 हजार की सहायता एवं मनरेगा से 90 दिवस का मजदूरी भुगतान अभिसरण के माध्यम से किया जाता है। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम छापर भानपुरी निवासी मसूराम सेठिया के लिए पक्के मकान का सपना कभी दूर की बात लगता था। सीमित आय और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच जीवन यापन कर रहे मसूराम ने कभी नहीं सोचा था कि उनका परिवार भी एक सुरक्षित और सुविधायुक्त घर में रह सकेगा। लेकिन शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके इस सपने को साकार कर दिया है।

कभी मौसम की मार झेलना थीं परिवार की दिनचर्या का हिस्सा
करीब एक एकड़ कृषि भूमि पर खरीफ सीजन में धान की खेती और वर्षभर मजदूरी कर अपने छह सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करने वाले मसूराम वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत टपकने, दीवारों में सीलन और मौसम की मार झेलने जैसी समस्याएं उनके परिवार की दिनचर्या का हिस्सा थीं। ऐसे में पक्का मकान बनवाना उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर था।

नए घर से परिवार के जीवन में आया बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता से मसूराम का घर अब मजबूत और सुरक्षित बन चुका है। नए घर में रहने के बाद परिवार के सदस्यों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। मसूराम बताते हैं कि अब उन्हें बारिश, आंधी और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों की चिंता नहीं रहती। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित वातावरण में रह रहे हैं, जिससे मानसिक संतोष भी मिला है।

पीएम आवास से पक्का घर नहीं बल्कि परिवार को मिला सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा
योजना का लाभ मिलने के बाद मसूराम ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अपनी बचत राशि से घर में दो अतिरिक्त कमरे बनाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि बेटा-बहू और दो नाती परिवार के साथ रहते हैं, इसलिए बढ़ते परिवार के लिए पर्याप्त स्थान होना जरूरी है। अतिरिक्त कमरों के निर्माण से परिवार को और अधिक सुविधा मिलेगी तथा सभी सदस्य आरामदायक जीवन व्यतीत कर सकेंगे। मसूराम सेठिया का मानना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें पक्का घर दिया है, बल्कि उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। वे शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस योजना ने उनके जैसे अनेक ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

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