नारी शक्ति: भारत की पहली महिला वेंट्रीलोक्विस्ट इंदुश्री रवींद्र, मनोरंजन उद्योग में बनाई नई पहचान

बेंगलूरु में जन्मी इंदुश्री रवींद्र भारत की पहली महिला वेंट्रीलोक्विस्ट हैं। एक महिला के रूप में पुरुष-प्रधान मनोरंजन उद्योग में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था। उन्हें कोई यह कला सिखाने के लिए भी तैयार नहीं हुआ। इसके बावजूद इंदुश्री ने अपनी लगन और प्रतिभा से इन सभी बाधाओं को पार कर लिया।

आज इंदुश्री रवींद्र एक भारतीय हास्य कलाकार, कठपुतली कलाकार, प्रयोगवादी और टेड एक्स वक्ता के रूप में अपनी धाक जमा चुकी हैं। जब इंदुश्री दूसरी कक्षा में थीं, तब जादू का करतब देखकर उनमें जादू सीखने का जुनून पैदा हो गया। दो साल बाद एक जादू सम्मेलन में एक बंदर कठपुतली ने इंदुश्री का ध्यान खींचा और उन्होंने उसे 200 रुपए में खरीद लिया। इस तरह देश की पहली महिला कठपुतली कलाकार बनने की यात्रा शुरू कर दी।

इंदुश्री ने 2003 में ‘सिटी केबल लाइव’ नामक केबल नेटवर्क से अपना टेलीविजन सफर शुरू किया। उनके डमी एक्ट लगातार तीन सालों तक हर शुक्रवार को प्रसारित होते रहे। उन्होंने 2004 में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले जादू और तीक्ष्ण वाक्-विद्या वाले शो ‘छू मंतर’ में भी अपनी कला का प्रदर्शन शुरू किया। उनके शो ‘फिल्टर कॉफी विद डिंकू’ (जिसे पहले डिंकू दुनिया कहा जाता था) के नाम जी कन्नड़ पर लगातार प्रसारित होने वाले सबसे ज्यादा लाइव तीक्ष्ण वाक्-विद्या शो का रेकॉर्ड है। 68 हफ्तों तक चले इस कार्यक्रम में डिंकू ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पीएसएलवी वैज्ञानिक, एयरोनॉट, होटल सर्वर, सैनिक, वकील, प्रेमी, राजनेता और कई अन्य भूमिकाओं में अभिनय किया।

उन्हें अब तक कई पुरस्कार मिल चुके हैं। लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड्स में उन्हें पहली महिला वेंट्रिलोक्विस्ट, डबल डमी एक्ट के लिए दर्ज किया गया है। इंदु श्री रवींद्र को 2018 में राष्ट्रपति से पुरस्कार मिला।

इंदुश्री ने सबसे ऊंची बोलने वाली गुड़िया का विश्व रेकॉर्ड बनाया तो हर कोई उनकी प्रतिभा से प्रभावित हो गया।

इंदुश्री का सबसे प्रसिद्ध पुतला पपेट रमेश है, जिसे उन्होंने अपने प्रदर्शनों में जीवंत बनाया।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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