Nari Shakti: संगीत का मतलब सिर्फ गाना नहीं, ये है जीने का तरीका… शिल्पा राव

मुंबई. मैं शिल्पा राव जमशेदपुर में पैदा हुई। घर में संगीत का माहौल था, मेरे पिता ने बचपन से ही मुझे और मेरे भाई की संगीत में रुचि पैदा करने की कोशिश की। मुझे याद है, वे हमेशा कहा करते थे,‘बड़े होकर जो भी करो, लेकिन अभी संगीत साधो’। यही मेरी संगीत यात्रा की नींव थी। संगीत को सिर्फ एक शौक के रूप में लेना था, लेकिन मेरे पिता के प्रेरित करने से ये शौक एक जुनून में बदल गया। मेरे लिए संगीत का रास्ता आसान नहीं था।

मुझे खुद पर यकीन नहीं था कि मैं कुछ बड़ा कर सकती हूं। पर जब मेरी मुलाकात हरिहरन जी से हुई, तो उन्होंने मेरी सोच को बदल दिया। हरिहरन जी ने मुझे समझाया कि अगर आप संगीत को सही तरीके से सीखें और उस पर मेहनत करें तो आप अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। वे कहते थे, ‘तुम्हें संगीत से प्यार है, तो इसे गंभीरता से करो।’ उनके शब्दों ने मेरे भीतर एक नया विश्वास पैदा किया और तब मैंने ठान लिया कि अब मैं इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाऊंगी।

संगीत हर पल मेरे साथ

हर दिन मेरे लिए संगीत के प्रति समर्पण का दिन होता है। चाहे मैं काम कर रही हूं, चाहे आराम कर रही हूं, संगीत हर पल मेरे साथ होता है। मेरे लिए संगीत का मतलब सिर्फ गाना नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। मैं हर दिन इसे बेहतर करने की कोशिश करती हूं, यही मेरा जीवन है।

अपनी सीमाओं को चुनौती देना जरूरी

मेरा मानना है कि हमें कभी संतुष्ट नहीं होना चाहिए, हर बार अपनी सीमाओं को चुनौती देनी चाहिए। सफलता का असली मतलब तब समझ आता है, जब हम अपने काम को सच्चे दिल से करते हैं और बार-बार उसे बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। मैंने कई भाषाओं में गाने गाए हैं और मैं हमेशा मानती हूं कि संगीत वह भाषा है, जो लोगों को एक दूसरे से जोड़ती है। अगर आप दिल से गाते हैं, तो आपकी आवाज हर किसी तक पहुंचेगी। यही कारण है कि मैं उन आर्टिस्ट्स के साथ काम करना चाहती हूं जो कुछ नया लेकर आएं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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