Nari Shakti: ग्रामीणों की समस्या को अवसर में बदला

Nari Shakti: हैदराबाद की पवानी लोल्ला ने जैविक कचरे को समस्या न मानकर उसे अवसर में बदला। उन्होंने प्रदूषण व गंध की समस्या को हल करने के लिए एक समाधान तैयार किया।

सात दिन में खाद तैयार

पवानी बताती हैं कि इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। वहां कचरा संग्रहण की स्थिति देखकर वह हैरान रह गईं। लोगों ने उनसे कहा कि रसोई के कचरे से कंपोस्ट बनाने में सबसे बड़ी चुनौती दुर्गंध और सफाई की होती है। यह समस्या उनके दिमाग में घर कर गई और उन्हाेंने इसका हल निकालने की सोची। वर्ष 2020 में उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू किया और गंध-रहित होम कंपोस्टर और ग्रीन मिक्स किट तैयार किया। उनके इस प्रयोग से सात दिन में उच्चगुणवत्तापूर्ण कंपोस्ट बन कर तैयार हो जाता है।

गंध से राहत

वह बताती है कि यह मशीन घर पर ही बिना गंध के कंपोस्ट बनाने में मदद करती है। इसके लिए महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई। हालांकि शुरुआत में कुछ लोगों ने मना भी किया। वह बताती हैं, अब तक 6,000 से अधिक किट तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक में भेजे जा चुके हैं। इस प्रणाली से एक परिवार आसानी से प्रति माह 30 किलोग्राम किचन वेस्ट को पर्यावरण-अनुकूल खाद में बदल सकता है। इसमें कोई कृत्रिम तापमान वृद्धि नहीं की जाती। ग्रीन मिक्स कम्पोस्ट बनने के दौरान अमोनिया जैसी दुर्गंध को रोकता है।

कैसे बनाएं कंपोस्ट

वह बताती हैं कि 1 किलो कचरे को कंपोस्टर मशीन में डालें और इसमें ग्रीन मिक्स और 400 एमएल पानी मिलाकर घोलें। कचरा डालकर ढक्कन बंद कर कम्पोस्टर को पांच बार घुमाएं। सात दिन में यह जैविक खाद बनकर तैयार होती है।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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