Nari Shakti: इंजीनियरिंग छोड़ बनीं रैपर… मधुरा के गीतों में गूंजती हैं आदिवासियों की समस्याएं

अपने गीतों की तुकबंदी के माध्यम से क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और आदिवासी समुदाय की समस्याओं के लिए आवाज उठा रही हैं महाराष्ट्र के कलान गांव की मधुरा घाने।

अन्याय का विरोध

वह कहती हैं मेरे लिए संगीत, लय और तुकबंदी से कहीं बढ़कर है। कविता लिखना मेरा शौक है और मेरी कविताएं सत्ता संरचनाओं को चुनौती देने के साथ समुदाय की समस्याओं को उठाती हैं और जलवायु परिवर्तन और अन्याय का विरोध करती हैं। मेरी कविताओं में अक्सर उन मुद्दों को उठाया जाता है, जिन्हें प्रशासन और समुदाय दरकिनार कर देता है, लेकिन उसका प्रभाव बहुत गहराई से होता है। उन्होंने अभी तक १२ गानों को रैप किया है, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया।

पहले था संशय

वह बताती हैं कि जब मैंने इंजीनियरिंग छोड़ यूजिक की ओर रूख किया तो सभी को लगा कि क्या मैं यह कर पाऊंगी, लेकिन मेरा पहला ट्रैक जिसमें मूल निवासियों और जंगलों के बीच के बंधन को दिखाया गया, सभी को पसंद आया।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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