Nari Shakti: गांव-गांव में फैलाया शिक्षा का उजियारा

मुंबई की गायत्री नायर लोबो ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा देने के लिए शिक्षक होना आवश्यक नहीं है बल्कि शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए प्रयास जरूरी है। गायत्री कहती हैं कि 15 वर्ष पहले उन्हाेंने एक संस्था के माध्यम से शिक्षा से वंचित लड़कियों के लिए काम करना शुरू किया। सफर शुरू करना आसान था, लेकिन उसे मंजिल तक पहुंचना उतनी ही बड़ी चुनौती थी।

वह कहती हैं कि संस्था के माध्यम से हम शिक्षा से वंचित बालिकाओं को पहचानकर उनका स्कूल में नामांकन, ठहराव और बुनियादी साक्षरता कौशल को मजबूत करने पर काम करते हैं। इसके साथ ही उन किशोरियों और युवा महिलाओं को शिक्षा से जोड़ते हैं जो औपचारिक स्कूल के लिए पात्र नहीं हैं। उन्हें उनके आस-पास के ओपन स्कूल के माध्यम से 10 वीं-12 वीं की पढ़ाई पूरी करवाई जाती है। साथ ही उन्हें जीवन कौशल सीखने और आत्मनिर्भर बनने में भी मदद की जाती है।

शिक्षक ने दिया मार्गदर्शन

वह बताती है कि उन्हें हमेशा परिवार में एक अच्छा माहौल मिला, लेकिन जब वे ऐसे बच्चों को देखतीं, जो पढ़-लिख नहीं पाते तो उनका मन बहुत दुखी होता। एक शिक्षक के मार्गदर्शन पर वह एक संस्था से जुड़ीं। वह राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और बिहार में बालिका शिक्षा पर काम कर रही हैं। अब वह आंध्र प्रदेश, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र में शिक्षा के लिए काम करेंगी।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
Back to top button