जब ‘रॉकेट’ ने गाया, ‘सारे जहां से अच्छा’ रमन इंजन के थ्रस्ट पल्स से फूटा संगीत

हैदराबाद की स्पेस स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उसके रमन मिनी थ्रस्टर्स ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन ‘गुनगुनाना’ रहे हैं। ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल (ओएएम) स्टेज टेस्ट के हिस्से के रूप में जैसे ही इंजन चालू हुआ, उसकी धड़कन जैसी लय जैसे ‘सारे जहां से अच्छा’ की ताल से सटीक मेल खाने लगी। कंपनी के अनुसार यह एक संयोग था जो गर्व का पल गन गया। टेस्ट का उद्देश्य जांचना था कि थ्रस्टर्स अलग-अलग शक्ति स्तरों पर कितनी स्थिरता व निरंतरता बनाए रखते हैं। स्काईरूट, विक्रम-एस के साथ अंतरिक्ष में रॉकेट प्रक्षेपित करने वाली पहली निजी भारतीय कंपनी है।

नोबेल विजेता के नाम पर रमन मिनी थ्रस्टर्स

नोबेल विजेता सर सीवी रमन के नाम पर बनाए गए रमन मिनी थ्रस्टर्स, स्काईरूट के अंतरिक्ष यानों का अभिन्न हिस्सा हैं। इन्हें ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल (ओएएम) का दिल कहा जाता है। ये इंजन किसी उपग्रह की कक्षा को बारीकी से समायोजित करने का कार्य करते हैं।

टीम के लिए रोमांचक पल

स्काईरूट के सह-संस्थापक पवन चंदना ने एक्स पर लिखा, ’जब राकेश शर्मा से पूछा गया कि भारत अंतरिक्ष से कैसा दिखता है तो उन्होंने कहा ‘सारे जहां से अच्छा’। उसी भावना से टीम ने इस धुन पर 1,000 से अधिक थ्रस्ट पल्स चलाए।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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