साय कैबिनेट ने बदला भूपेश सरकार का फैसला, अब महिला स्व सहायता समूह के जिमे फिर आएगा रेडी-टू-ईट का काम

मुयमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के एक अहम फैसले को बदलने का निर्णय लिया गया है। साय सरकार एक बार फिर रेडी-टू-ईट तैयार करने की जिमेदारी महिला स्व-सहायता समूह को देगी। पहले चरण में इसकी शुरुआत पांच जिलों से की जाएगी। बता दें कि पूर्ववर्ती सरकार ने नवबर 2022 को महिला स्व-सहायता समूह से काम वापस ले कर इसे सेंट्रलाइज कर दिया था। इसके बाद राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा स्थापित इकाइयों के माध्यम इसका निर्माण और वितरण किया जा रहा था।
पूर्ववर्ती सरकार के फैसले से प्रदेश के करीब 30 हजार स्व सहायता समूह की 3 लाख से ज्यादा महिलाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। इसका महिलाओं के साथ-साथ भाजपा ने भी विरोध किया था। साय सरकार बनाने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रेडी-टू-ईट का काम वापस महिला स्व-सहायता समूह को देने की घोषणा की थी।
पुराने मकान कम कीमत में बेचेगा हाउसिंग बोर्ड :
कैबिनेट ने हाउसिंग बोर्ड के 5 वर्ष से अधिक समय से नहीं बिके हुए आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को कम कीमत में बेचने का फैसला लिया है। इसके तहत एकमुश्त निपटान के लिए लागत मूल्य (बेस रेट) से 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत तथा 30 प्रतिशत छूट दी जाएगी। बता दें कि पिछले कई सालों से हाउसिंग बोर्ड के 3445 मकानों की बिक्री नहीं हो सकी है। इनकी कुल कीमत 50679 लाख रुपए हैं। रायपुर जिले में हाउसिंग बोर्ड के सबसे अधिक 1867 आवास खाली हैं।
पीएम आवास के लिए राशि मंजूर: कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 अंतर्गत राज्यांश राशि को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 1 लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कुल अनुदान राशि 3938.80 करोड़ है। इसमें अनिवार्य राज्यांश 1450 करोड़ एवं अतिरिक्त राज्यांश 538 करोड़ रुपए है, जो कि मकान पूर्ण करने अथवा गृह प्रवेश पर दिया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए बनेगा स्किलिंग प्रोग्राम
कैबिनेट ने छात्र स्किलिंग प्रोग्राम (एसएसपी) के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया है। इससे राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों, निवेश के साधनों एवं वित्तीय नियोजन के क्षेत्र में उपयुक्त कौशल तथा आवश्यक ज्ञान मिलेगा। यह प्रशिक्षण हाई स्कूल, हायर सेकंडरी स्कूल तथा कॉलेज के विद्यार्थियों को दिया जाएगा।











