दिल्ली में पांचवीं तक के स्कूल बंद, निर्माण सहित कई गतिविधियों पर लगी रोक

नई दिल्ली. दिल्ली व एनसीआर में प्रदूषण की मार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप का तीसरा फेज लागू कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली- एनसीआर में कई पाबंदियां लागू हो गई। राजधानी परिक्षेत्र में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहन नहीं चल सकेंगे। अब सिर्फ आवश्यक सामान वाले मालवाहकों को ही राजधानी व एनसीआर में प्रवेश की अनुमति होगी।
सीएक्यूएम के नए प्रतिबंधों के बाद कक्षा 5 तक के स्कूल ऑनलाइन मोड में चलेंगे। इसके साथ ही गैर जरूरी निर्माण कार्य भी बंद रहेंगे। आयोग के अनुसार यह फैसला दिल्ली के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) के मंगलवार को 362 से बढ़कर 430 हो जाने के बाद लिया गया, जो ’गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। ये पाबंदियां ग्रैप -1 व 2 के तहत पहले से लागू प्रतिबंधों के अतिरिक्त हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 60 अतिरिक्त ट्रिप शुरू की हैं।
राजस्थान : अटक जाएंगे वाहन- एनसीआर क्षेत्र में शामिल राजस्थान के अलवर व भरतपुर जिले में भी ग्रैप-3 की पाबंदियों का पालना करना होगा। ऐसे में राजस्थान से राजधानी जाने वाले बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों के चक्के थम जाएंगे। भरतपुर, अलवर, भिवाड़ी मार्गों से दिल्ली जाने वाले वाहन अटक जाएंगे। बसों के प्रवेश पर रोक लगने से यात्रियों को भी खासी परेशानी होंगी।
हालात नहीं सुधरे तो ग्रैप-4 लागू होगा
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन उत्सर्जन, पराली जलाना और मौसम के कारण प्रदूषण विकराल होता जा रहा है। सीएक्यूएम स्थिति पर नजर रख रहा है। एक्यूआइ और बिगड़ा तो ग्रैप-4 लागू हो सकता है। लोगों से मास्क पहनने, बाहर कम निकलने और सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
15 तक शीतलहर जारी रहेगी
मौसम विभाग के अनुसार 15 नवंबर तक उत्तर-पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, दक्षिण हरियाणा तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। दक्षिण हरियाणा की कोल्ड वेव से दिल्ली में भी सर्दी बढऩे की संभावना है। आइएमडी ने उक्त क्षेत्रों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
ग्रैप-3 में यह रहेंगी पाबंदियां
निजी बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल हल्के मोटर वाहनों के परिवहन पर रोक।
गैर जरूरी निर्माण कार्य बंद रहेंगे। सीमेंट, बालू जैसे सामानों की ट्रकों से आवाजाही नहीं होगी।
बाहरी और दिल्ली के अंदर की डीजल बसों पर भी रोक लग जाएगी
कक्षा 5 तक की ऑनलाइन मोड में पढ़ाई होगी।
स्टोन क्रशर और खनन संबंधी गतिविधियों पर रोक।
इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटरों पर रोक।
कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मोड में काम होगा।











