She News: जल संकट को दूर करने की कोशिश करतीं श्रीजा

गर्मी में पानी की कमी से जूझते बैंगलूरु को बचाने के प्रयास में लगी हैं श्रीजा अय्यर। श्रीजा कई छात्रों के साथ मिलकर बैंगलूरु में बाढ़ के हालत और पानी की कमी के लिए जागरूकता ला रही हैं। वह कहती हैं कि दो साल पहले उन्हाेंने एक बच्ची को परीक्षा देने के लिए स्कूल न आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि बाढ़ के कारण वह स्कूल नहीं आ सकी और परीक्षा न देने के कारण उसका साल खराब हो गया।

इस तरह की समस्या एक छात्रा की ही नहीं, बल्कि कई लोगों की थी। श्रीजा इस संबंध में कुछ करना चाह रही थी, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे क्या करे। उन्हाेंने बताया कि इस समय स्कूल के बच्चे उनके लिए प्रेरणा बने, उनसे चर्चा के बीच उन्होंने मुझे कई सुझाव दिए और हमने बच्चों के साथ एक टीम बनाई। जिसमें 14 से 17 वर्ष तक के बच्चे अपनी छुट्टी के दिन मेरे पास आते और जल संरक्षण पर चर्चा करते। इस तरह हमने बैंगलूरु का एक सर्वे कराया, जिसमें लोगों के विचार काफी चौंकाने वाले थे।

कार्यशालाओं से लेकर झीलों की सफाई तक

श्रीजा कहती हैं कि हम बच्चों के साथ मिलकर शहर में जगह-जगह कई कार्यशालाएं आयोजित करते हैं, जिसमें बच्चे सभी को जल संकट और बाढ़ संकट के निपटने की जानकारी देते हैं। कई लोग आकर हमें अपने सुझाव भी देकर जाते हैं। श्रीजा कहती हैं कि बैगलूरू में कंकरीट के जंगलों के कारण पानी जमीन तक नहीं पहुंच पाता। इसके कारण जमीनी स्तर पर पानी की कमी होती जा रही है। इसके लिए उन्होंने यहां की कई झीलों की सफाई का जिमा उठाया। हर रविवार बच्चों के साथ मिलकर एक-एक झील की सफाई करनी शुरू की, जिसमें अब कई लोग भागीदार बन गए हैं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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