She News: महिलाओं ने किया 30 गांवों का विकास, मिली पहचान

She News: कर्नाटक के धारवाड़ जिले के तीर्था गांव के 15 महिलाओं के समूह ने यह साबित कर दिया कि जलवायु परिवर्तन की शुरुआत जड़ों से ही हो सकती है, उन्हें इसके लिए सम्मानित भी किया गया है।

समाधान पर काम

38 वर्षीय बीबी फामिमा ने बताया कि समुदाय प्रेरित समाधानों पर काम करने के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के इक्वेटर इनिशिएटिव अवॉर्ड 2025 में 10 वैश्विक विजेताओं में शामिल किया गया। क्लाइमेट चेंज में महिलाओं की भूमिका पर हुए इस कार्यक्रम में 103 देशों के 700 नामांकनों में इन महिलाओं के समूह ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

गांवों में किया शुरू

वह बताती हैं कि 15 महिलाओं ने मिलकर 2018 में मिलेट्स आधारित मिश्रित खेती को पुनर्जीवित करने पर काम शुरू किया। धीरे-धीरे ये प्रयास 30 गांवों तक पहुंचा। जहां पारंपरिक विधियों से खेती की गई, जलवायु-प्रतिरोधी किस्मों को संरक्षित करने के लिए सामुदायिक बीज भंडार बनाए गए और आय के साधनों के लिए पशुपालन एवं बागवानी को भी शामिल किया।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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