दोगुनी हुई हिम तेंदुओं की आबादी, हिमाचल की बर्फीली वादियों में 44 से बढ़कर हुए 83

शिमला. ताजा रिपोर्टों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में दुर्लभ हिम तेंदुए यानी स्नो लैपर्ड की आबादी लगभग दोगुनी हो गई है। 2021 में जहां इनकी संख्या 44 दर्ज की गई थी, वहीं अब यह बढ़कर 83 तक पहुंच गई है। इन्हें ‘घोस्ट ऑफ द माउंटेन’ यानी ‘पहाड़ों में छिपा भूत’ कहा जाता है, क्योंकि ये बेहद शर्मीले और पहाड़ी इलाकों में छिपकर रहने वाले जीव हैं। हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन के सर्वेक्षण में 26,000 वर्ग किमी के क्षेत्र में कैमरा ट्रैपिंग से ऊपरी स्पीति, पिन वैली, टाबो और किन्नौर ऐसे क्षेत्र हैं जहां सबसे अधिक तेंदुए दर्ज किए गए। लाहौल-पांगी और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क जैसे इलाकों में घनत्व अपेक्षाकृत कम रहा।

नई प्रजातियों की खोज ने बढ़ाई उम्मीदें…. सर्वेक्षण के दौरान पहली बार दो नई प्रजातियां, पल्लास बिल्ली और वूली उड़ने वाली गिलहरी भी देखी गई हैं। साथ ही ब्ल्यू शीप और हिमालयी आइबेक्स जैसे जंगली खुर वाले प्राणी भी बड़ी संख्या में देखे गए, जो स्नो लैपर्ड के भोजन चक्र को संतुलित बनाए रखते हैं।

संरक्षण की राह में चुनौतियां अभी बाकी

सर्वे में पाया गया कि हर 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हिम तेंदुओं का घनत्व 0.16 से 0.53 के बीच है। तेंदुओं की संख्या में बढ़ोतरी खुशी की बात है, लेकिन खतरे अब भी मौजूद हैं। बढ़ते आवारा कुत्ते, जलवायु परिवर्तन व अवैज्ञानिक विकास प्रोजेक्ट नई चुनौतियां बन रहे हैं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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