बचत के पैसों से शुरू की आयुर्वेदिक कंपनी, 17 करोड़ का सालाना टर्नओवर

बेंगलूरु की डॉ. यमुना और उनके पति प्रशांत ने आयुर्वेद के नुस्खों को घर-घर पहुंचाने के लिए प्रयोग किए और आज 17 करोड़ के सालाना टर्नओवर की कंपनी खड़ी की। यमुना कहती हैं कि पति दक्षिण अफ्रीका में कार्यरत थे और मैं बेंगलूरु में अपना क्लिनिक चला रही थी। मैं मरीजों को कुछ दवाएं स्वयं बना कर देती थी। पारंपरिक आयुर्वेदिक नुस्खों को लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने अपने पति से बात की। पति ने नौकरी छोड़ी और मेरी मदद के लिए आए। मैंने 2019 में कंपनी शुरू की। इसके लिए अपनी बचत के पैसे इस्तेमाल किए और घाटे में चल रही पुरानी कंपनी खरीदी और उसे नए सिरे से शुरू किया। इसके लिए हमने बैंक लोन भी लिया।

50 लोगों को रोजगार

वह बताती है कि शुरुआत में हमने अपने क्लिनिक में उत्पाद बेचे। इसके बाद धीरे-धीरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। हमने लगातार रिसर्च और डवलपमेंट पर काम किया ताकि बेहतर पेश कर सके। घरों तक पारंपरिक आयुर्वेदिक नुस्खे पहुंचाने के लिए गली-मोहल्लों में कार्यशालाएं आयोजित की गई। हमने लोगों को रोजगार देने के लिए प्रशिक्षण दिया। वह 50 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं।

लोगों ने मजाक बनाया

वह बताती हैं कि आयुर्वेद में बचपन से ही रुचि होने के कारण वह आयुर्वेद चिकित्सक बनीं। इस क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने महसूस किया कि इसमें बेहतर परिणाम के लिए और प्रयास की जरूरत है। उनके पति के नौकरी छोडऩे के फैसले का लोगों ने मजाक बनाया। उन्होंने लोगों की परवाह किए बगैर काम किया। उन्होंने बताया कि दवाइयां बनाने के लिए उन्हें कई रात जागना पड़ता था।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
Back to top button