Nari Shakti: सिखा रही हैं कृषि की नई तकनीक, महिलाओं को दिया रोजगार

कर्नाटक के कोर्ग की एनिथा नंदा अप्पानेरवंडा, कैंसर सर्वाइवर होते हुए भी आज सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं। अपने जुनून को आगे बढ़ाते हुए आज वे 100 महिलाओं को नियमित रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं।

अनुभव को काम लिया- एनिथा बताती हैं कि कैंसर से जूझने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी। अपने 22 वर्षों के अनुभव को उन्होंने किसानों और महिलाओं को प्रशिक्षण देने में लगाया। इससे उनकी यह यात्रा संघर्ष से शुरू होकर प्रेरणा में बदल गई। वह कोर्ग वुमन कॉफी अवेयरनेस संस्था की सचिव रह चुकी हैं। उन्हें 2020 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पाइसेज रिसर्च की ओर से सम्मानित भी किया गया।

नया आयाम

वह कहती हैं कि बचपन से ही कॉफी बागान उनके आकर्षण का केंद्र रहे। शादी के बाद कोर्ग आकर उन्होंने खेती को नया आयाम दिया। कैंसर का पता चलने के बाद उन्होंने इसे एक जुनून में बदला और एक संस्था स्थापित कर महिलाओं को सस्टेनेबल खेती के प्रति जागरूक किया ताकि उत्पाद में वृद्धि हो सके।

शुरुआती चुनौतियां

वह बताती हैं कि बीमार होने पर घरवालों ने मुझे काम और ज्यादा भागदौड़ करने के लिए मना कर दिया, लेकिन मैं लगातार काम करती रही। मैंने अपना लक्ष्य तलाशा और खुद को मजबूत बनाया। वह कहती हैं कॉफी के लिए व्यापारियों का मिलना और पैदावार कम होना एक बड़ी समस्या थी। मैंने ब्राजील के मॉडल को अपनाया और खेती शुरू की।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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