प्रभारी सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्र का लिया जायजा
The in-charge secretary inspected the Anganwadi center.

बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों, पोषण एवं टीकाकरण व्यवस्था का लिया जायजा
मोबाइल पर हिंदी और अंग्रेजी में ऑनलाइन एंट्री करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रैमुनी बाई की सराहना
रायपुर । जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने सोमवार को दुलदुला विकासखंड के ग्राम चापाटोली स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, टीकाकरण एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कुपोषित बच्चों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित गृह भ्रमण कर अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता और परिवार स्तर पर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के नियमित टीकाकरण, ग्रोथ मॉनिटरिंग, ग्रोथ चार्ट संधारण तथा बच्चों को प्रारंभिक अक्षर ज्ञान एवं बुनियादी शिक्षा से जोड़ने संबंधी गतिविधियों की भी जानकारी ली और इन कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रैमुनी बाई से मोबाइल आधारित ऑनलाइन कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने देखा कि रैमुनी बाई मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बच्चों एवं केंद्र से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तकनीकी दक्षता और डिजिटल कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर प्रभारी सचिव ने उनकी सराहना की तथा इसे महिला एवं बाल विकास विभाग में डिजिटल सशक्तिकरण का सकारात्मक उदाहरण बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत सभी बच्चों के आधार कार्ड शीघ्र बनवाए जाएं, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर और सुगमता से प्राप्त हो सके।
प्रभारी सचिव ने कहा कि मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इनके माध्यम से बाल विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।











