जनमन सड़क से बदली 185 बैगा परिवारों की जिंदगी

The lives of 185 Baiga families transformed by the Janman Road.

अब गांव तक पहुंच रही एंबुलेंस

रायपुर। बैकुंठपुर विकासखंड के दूरस्थ वनांचल में बसे करमीपारा और कदमपारा के लिए सड़क सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की नई राह बन गई है। कभी पक्की सड़क के अभाव में यहां के ग्रामीणों को बारिश के दिनों में सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती थी। मरीजों को खाट पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता था और जरूरी सामान के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

आज परिस्थितियां बदल रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से मुगम से करमीपारा व्हाया कदमपारा तक 5.40 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण 320.74 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इससे ग्राम पंचायत मुगम के करमीपारा और कदमपारा में निवासरत 185 बैगा परिवारों को मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क मिला है।

’खाट से एंबुलेंस तक पहुंचा सफर’

सड़क बनने का सबसे बड़ा बदलाव स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच में दिखाई दे रहा है। पहले किसी मरीज को मुख्य मार्ग तक पहुंचाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती होती थी। अब एंबुलेंस और महतारी एक्सप्रेस गांव तक पहुंच पा रही हैं। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र ले जाना संभव हो रहा है।

ग्रामीणों के लिए यह सुविधा केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। बच्चों के लिए स्कूल जाना आसान हुआ है, महिलाओं की बाजार और स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच सुगम हुई है तथा रोजमर्रा की जरूरतों के लिए शहर तक आने-जाने में समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

’खेत की उपज अब आसानी से पहुंच रही बाजार’

सड़क बनने से किसानों को भी सीधा लाभ मिला है। पहले अनाज, फल और सब्जियों को बाजार या मंडी तक पहुंचाना कठिन होता था। अब वाहन गांव तक पहुंच रहे हैं, जिससे कृषि उपज को बाजार तक ले जाना आसान हुआ है।

ग्रामीण बताते हैं कि पहले मुख्य मार्ग तक पहुंचने में आधा दिन तक लग जाता था। अब करीब 20-25 मिनट में मुख्य सड़क तक पहुंचना संभव हो गया है। इससे समय की बचत के साथ कृषि और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी सुविधा मिली है।

’सड़क के साथ पहुंची सुविधाओं की राह’

प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूहों की पहुंचविहीन बसाहटों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। करमीपारा और कदमपारा में बनी यह सड़क भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

पक्की सड़क के साथ अब स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि और बाजार तक पहुंच आसान हुई है। शासकीय योजनाओं और जरूरी सेवाओं की पहुंच भी पहले की तुलना में बेहतर हुई है।

’सेवा से बदली जिंदगी की राह’

करमीपारा और कदमपारा के ग्रामीणों के लिए यह सड़क महज 5.40 किलोमीटर का निर्माण कार्य नहीं है। यह उस दूरी को कम करने का माध्यम है, जो वर्षों से उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और अवसरों से दूर रखती थी।

जनमन योजना की यह सड़क वनांचल को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ 185 बैगा परिवारों के जीवन में सुविधा और संभावनाओं के नए रास्ते खोल रही है। यही सेवा संकल्प की सार्थकता है, जहां विकास की जरूरत है, वहां सुविधा पहुंचाना और लोगों के जीवन को आसान बनाना।

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