मेडिकल पीजी के दाखिले में शत-प्रतिशत स्थानीय आरक्षण का बदलेगा नियम

छत्तीसगढ़ शासन ने हाईकोर्ट में कहा है कि प्रदेश के मेडिकल पीजी में एडमिशन नियम में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए जल्द नोटिफिकेशन जारी होगा, इसके बाद ही पीजी की काउंसिलिंग शुरू होगी।

10 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

इस संदर्भ में हाईकोर्ट में दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट के सवाल पर शासन ने बताया सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए निर्देशों के अनुसार परिवर्तन किया जा रहा है, जल्द ही राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को रखी है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल पीजी 2025 के एडमिशन में छात्रों के प्रवेश में शत प्रतिशत स्थानीय आरक्षण को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने राज्य शासन को जवाब देने के निर्देश दिए थे। डॉक्टर ने याचिका में छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश नियम 2021 के नियम 11 (अ) और 11 (ब) को चुनौती दी है।

यह है मामला

बिलासपुर निवासी डॉ समृद्धि दुबे ने चिकित्सा स्नातक की प्रवेश परीक्षा में 2018 में भाग लिया, जिसमें उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की पढाई के लिए सीट प्राप्त हुई। पढ़ाई सफलता पूर्वक पूरी करने के पश्चात डॉ. समृद्धि ने बिलासपुर वापस आकर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद् में अपना रजिस्ट्रेशन कराया। आगे की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से उन्होंने चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा 2025 में भाग लिया। उक्त परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर 3 अगस्त 2025 को आयोजित हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे नियम को माना समानता के विरुद्ध

डॉ. समृद्धि की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि राज्य सरकार ने उक्त नियम के द्वारा संविधान के अनुच्छेद 14 का हनन किया है, जो कि देश के समस्त नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है। सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में इसी प्रकार के मामले की सुनवाई करते हुए डॉ. तन्वी बहल विरुध्द श्रेय गोयल व अन्य में चिकित्सा स्नातकोत्तर के प्रवेश में शत् प्रतिशत स्थानीय आरक्षण को असंवैधानिक करार देते हुए चिकित्सा स्नातकोत्तर की कुछ प्रतिशत सीटों में स्थानीय आरक्षण दिए जाने की जरूरत बताई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को इस मुद्दे पर जवाब देने के निर्देश दिए।

प्रदेश के छात्रों को दे रहे थे प्राथमिकता

चिकित्सा स्नातकोत्तर में प्रवेश लेने के दौरान याचिकाकर्ता को पता चला कि छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश नियम 2021 के नियम 11 (अ) और 11 (ब) के अनुसार राज्य सरकार ऐसे छात्रों को प्रवेश में प्राथमिकता देगी, जिन्होंने चिकित्सा स्नातक की उपाधि छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित चिकित्सा महाविद्यालय से ही प्राप्त की है। उसके पश्चात यदि कोई सीट शेष रही तब उक्त सीट ऐसे छात्रों को मिलेगी, जो कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी हैं, लेकिन अन्य राज्य से पढ़ाई की है।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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