Cyber Attack: देश में हर दिन 5592 साइबर हमले, पांच साल में हुए दोगुने

नई दिल्ली. भारत में डिजिटल क्रांति के साथ साइबर खतरे भी तेजी से बढ़े हैं। यही वजह है कि पांच साल में साइबर हमलों की संख्या 11.58 लाख से बढ़कर 20.41 लाख प्रति वर्ष हो गई है। यानी देश हर दिन 5592 साइबर हमले झेल रहा है। सरकार इन हमलों से निबटने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए संस्थानों का गठन किया है। साइबर सुरक्षा के लिए पांच साल में चार गुना बजट बढ़ाया गया है।

आइटी मंत्रालय ने साइबर सेंध पर प्रतिक्रिया देने के लिए भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) को राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में नामित किया है।

सर्ट-इन साइबर हमलों के खतरों को कम करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों के साथ अलर्ट साझा करता है।

विदेशी आइपी पते से हमले, पहचान छिपाने की नई तकनीकें: सर्ट-इन के विश्लेषण से पता चलता है कि बड़ी संख्या में साइबर हमले विदेश से संचालित कंप्यूटरों (विदेशी आइपी) से होते हैं। हमलावर अपनी लोकेशन और पहचान छिपाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक अपनाते हैं, जिससे जांच एजेंसियों के लिए असली स्रोत पकड़ना कठिन हो जाता है।

साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए केंद्र की पहल

  1. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय: इसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा साइबर समन्वयक नियुक्ति की जाएगी।
  2. राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र : साइबर सुरक्षा खतरों का पता चलाने के लिए साइबर स्पेस की जांच करता है।
  3. साइबर स्वच्छता केंद्र: नागरिकों व संस्थानों को मुफ्त टूल और सलाह देता है।
  4. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र: गृह मंत्रालय के अधीन विशेष केंद्र साइबर अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटता है।

सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र

  1. बैंकिंग, वित्तीय और बीमा सेवाएं
  2. स्वास्थ्य देखभाल
  3. हॉस्पिटैलिटी

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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