मेडिकल छात्रों को बड़ा झटका, इस विश्वविद्यालय ने डेढ़ गुना बढ़ा दिया परीक्षा शुल्क

पिछले साल अक्टूबर में दीक्षांत समारोह में 2.28 करोड़ फूंकने वाले नवा रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय हैल्थ साइंस एंड आयुष विवि ने परीक्षा शुल्क डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। बढ़ी हुई फीस मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, आयुर्वेद समेत 21 कोर्स के छात्रों को देनी होगी। यानी छात्रों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ेगा। प्रबंधन बोर्ड की बैठक में शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया। वैसे ही बढ़ी हुई फीसों से परेशान छात्रों पर परीक्षा शुल्क का बोझ आ गया है।

बोर्ड के निर्णय लागू

ये फीस सरकारी व निजी कॉलेजों में लागू होगा। बोर्ड के निर्णय के यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है। इसमें मेन एग्जाम फीस के अलावा वेलफेयर, मार्कशीट व स्टूडेंट डेवलपमेंट के लिए 100-100 रुपए भी लिया जाएगा। स्टूडेंट डेवलपमेंट के लिए विवि क्या करेगा? यह तो वही बता सकता है। शुल्क जमा करने पर देरी होने पर कुल फीस का 10 फीसदी अतिरिक्त देना होगा। मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में कई जरूरतमंद छात्र पढ़ते हैं। उनके लिए बढ़ी हुई फीस भारी पड़ेगी। इसी तरह सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। इसमें 11 कोर्स शामिल है। बाकी पूरक परीक्षाओं के लिए मुख्य परीक्षाओं की तरह ही शुल्क देना होगा।

नामांकन शुल्क किया दोगुना, हजार से बढ़कर दो हजार

नए छात्रों को यानी फर्स्ट ईयर के छात्रों को इनरोलमेंट कराना पड़ता है। पहले इसका शुल्क 1000 रुपए था, जिसे दोगुना कर दिया गया है। इसमें इनरोलमेंट फीस 800 रुपए, कन्वोकेशन, कल्चरर व स्पोर्ट के लिए 200 रुपए, रिसर्च व डेवलमेंट के लिए 200 रुपए, आईटी व अन्य प्रोसेसिंंग फीस 300 रुपए, लाइब्रेरी के लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें गौर करने वाली बात ये है कि परीक्षा फीस में भी स्टूडेंट डेवलपमेंट के लिए 100 रुपए लिया जा रहा है। वहीं, इसमें भी रिसर्च व डेवलपमेंट के नाम पर 200 रुपए लिया जाएगा।

दीक्षांत के लिए 1.10 करोड़ की मंजूरी, खर्चे 2.28 करोड़

पिछले साल अक्टूबर में हुए दीक्षांत समारोह में विवि ने 2.28 करोड़ रुपए फूंक डाले। टेंट, पंडाल व कुर्सी में 1.20 करोड़ व लाइटिंग में ही 70 लाख रुपए खर्च कर डाले। ये पैसे छात्रों से मिली फीस के थे। चर्चा है कि इसकी भरपाई के लिए ही परीक्षा शुल्क अनाप-शनाप बढ़ाया गया है। विवि ने प्रबंधन बोर्ड की स्वीकृत फंड से दोगुना से ज्यादा खर्च कर डाला। समारोह में 33 छात्रों को गोल्ड मेडल व 6 छात्रों को एमसीएच की डिग्री दी गई। डोम पीडब्ल्यूडी ने बनाया था और 98 लाख का एस्टीमेट दिया था। कार्यक्रम होते ही डोम को उखाड़ दिया गया।

कुर्सी, पोडियम व अन्य कार्य पर 668038 रुपए, फायर स्प्रे कार्य पर 201050 व टेंट, पंडाल व अन्य कार्य पर एक करोड़ 10 लाख 63 हजार 450 समेत एक करोड़ 19 लाख 48 हजार 538 रुपए खर्च किया गया।

Sarita Tiwari

बीते 24 सालों से पत्रकारिता में है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय तक काम किया ।
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