Nari Shakti: आदिवासी बच्चों को ऐसे संवार रही कि सीधे नवोदय में हो रहा चयन

रायपुर. रायगढ़ की सविता रथ बीते 25 सालों से खनन प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए कार्य कर रही हैं। अभी तीन साल पहले उन्होंने आदिवासी बच्चों के लिए शिक्षा देने का काम शुरू किया। इसका परिणाम यह रहा कि आज चार बच्चे नवोदय में पढ़ रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले और सुविधाविहीन ड्रॉपआउट बच्चों के लिए सविता ने महासमुंद के कयातपाली गांव से हमागुड़ी दी एक्स्ट्रा क्लास की शुरुआत की। तीन साल में एक गांव से शुरू हुआ यह कारवां 5 गांवों तक पहुंच गया। अब हमागुड़ी के 6 सेंटरों में 3०० बच्चे पढ़ रहे हैं। जांजगीर-चांपा के एसडीओपी यदुमणि सिदार कयातपाली गांव के हैं। वे चाहते थे कि उनके गांव के बच्चे भी प्रशासनिक क्षेत्र में जाएं, इसलिए उन्होंने सविता रथा की मदद से हमागुड़ी दी एक्स्ट्रा क्लास की शुरुआत की।

छह देश की महिलाएं हमारे साथ
खदान क्षेत्र में महिलाओं की दयनीय स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लेकर गई। इसके तहत श्रीलंका, बांग्लादेश और फिलिपींस में खनन प्रभवित महिलाओं का इंटरनेशनल संगठन गागा, साउथ अफ्रीका में महिलाओं के पुनर्वास, स्वास्थ्य और रोजगार के विषय को उठाया। उनका भविष्य कैसे सुरक्षित हो इस पर आवाज उठाई। आज छह देश की महिलाएं इस अभियान से जुड़ी हैं। खनन क्षेत्र में महिलाओं की बेेहतर स्थिति के लिए अंतरराष्ट्रीय नीति बनाने के लिए न सिर्फ लामबंद हो रही हैं बल्कि कार्य भी कर रही हैं।
अंग्रेजी और गणित की तैयारी कराते हैं
सविता ने बताया कि वे हमागुड़ी दी एक्स्ट्रा क्लास के साथ ही वे स्व.प्रशांतो कुमार बेनर्जी स्मृति सामुदायिक पुस्तकालय भी चला रही हैं, जहां पर समुदाय के अलावा सोशल मीडिया के जरिए भी बच्चों के लिए किताबें जमा करते हैं। यहां पर उन्होंने टेलीविजन लगा रखा है, जिसमें यूट्यूब के जरिए बच्चों को वीडियो दिखाकर पढ़ाया जाता है। विषय विशेषज्ञ के लेक्चर भी दिखाए जाते हैं। सविता कहती हैं कि हम बच्चों को गणित और अंग्रेजी की तैयारी कराते हैं।











