बस्तर ओलंपिक: बेटों से ज्यादा आदिवासी बेटियां दिखाएंगी प्रतिभा

रायपुर. बस्तर ओलंपिक के दूसरे संस्करण का आगाज 25 अक्टूबर शनिवार से होने जा रहा है। आदिवासी व पिछले क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के माध्यम सेे मुय धारा से जोडऩे के लिए आयोजित इस टूर्नामेंट के लिए 20 अक्टूबर तक बस्तर संभाग में पंजीयन कराने का समय निर्धारित था, जिसमें बस्तर संभाग के सात जिलों में रेकॉर्ड 3,91,297 खिलाडिय़ों ने पंजीयन कराया है। इसमें 163668 पुरुष खिलाड़ी है। वहीं, महिला खिलाडिय़ों की संया 2,27,629 है। पंजीयन कराने वालों की संया पहले संस्करण से दोगुना से ज्यादा है। बस्तर ओलंपिक 2024 में कुल 1,65,000 बालक-बालिका खिलाडिय़ों ने ही पंजीयन कराया था। इस प्रतियोगिता को ब्लॉक स्तर से संभाग स्तर तक आयोजित किया जाएगा।

11 खेलों में भिड़ेंगे खिलाड़ी
इस टूर्नामेंट में 11 खेलों को जगह दी गई है। इसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कराते, वेटलिटिंग, खो-खो, वॉलीबॉल, रसाकशी खेल शामिल हैं।
आत्मसमर्पित नक्सली भी होंगे शामिल
बस्तर ओलंपिक को खेलों के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुयधारा से जोडऩे का रास्ता माना जा रहा है। इसमें नक्सल प्रभावित आदिवासी युवाओं और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी खेलने का मौका दिया जाएगा। इसकी लिस्ट गृह विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। इन्हें सीधे संभाग स्तरीय आयोजन में खेलने का मौका दिया जाएगा।
तीन चरणों में आयोजन (संभावित तिथि)
ब्लॉक स्तरीय: 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक
जिला स्तरीय: 6 नवंबर से 15 नवंबर तक
संभाग स्तरीय: 24 से 30 नवंबर तक (7 जिलों से चयनित खिलाड़ी लेंगे हिस्सा)
नकद पुरस्कार व अकादमी में सीधे प्रवेश
इस टूर्नामेंट में ब्लॉक स्तर में विजेता खिलाड़ी और टीम को मेडल, टॉफी व प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं, जिला स्तर के विजेता खिलाड़ी और टीम को क्रमश: 2000 और 4000 रुपए नकद, ट्रॉफी व प्रमाण पत्र देकर समानित किया जाएगा। संभाग स्तर के विजेता खिलाड़ी व टीम को क्रमश: 5000 व 10000 रुपए नकद के साथ ट्रॉफी व प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा विजेता खिलाडिय़ों को राज्य सरकार की ओर से संचालित आवासीय अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय ट्रेनिंग प्रदान कर राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान किया जाए।











