नई उड़ान… भारतीय मूल के दो दोस्तों ने जकरबर्ग को छोड़ दिया पीछे

सैन फ्रांसिस्को. अमरीका में 2023 में एआइ रिक्रूटमेंट स्टार्टअप ‘मर्कोर’ शुरू करने वाले तीन दोस्त ब्रेंडन फूडी, आदर्श हिरेमठ और सूर्या मिधा सबसे कम उम्र के फोर्ब्स ‘सेल्फ-मेड टेक बिलियनेयर’ बन गए हैं। इससे भी ज्यादा गर्व की बात है कि आदर्श और सूर्या भारतीय मूल के हैं। 22 साल की उम्र के इन युवाओं ने फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग का रेकॉर्ड तोड़ दिया है, जो 2008 में 23 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के स्व-निर्मित अरबपति बने थे। तीनों ‘थिएल फैलो’ हैं, अरबपति पीटर थिएल का वह प्रोग्राम जो कॉलेज ड्रॉपआउट युवा इनोवेटर्स को एक लॉख डॉलर की फैलाशिप देता है। तीनों ने मर्कोर स्टार्टअप को समय देने के लिए कॉलेज छोड़ा, लेकिन अपने विजन पर भरोसा रखा।
भारत के इंजीनियरों को जोड़ने से हुई शुरुआत
मर्कोर की शुरुआत भारत के इंजीनियरों को अमरीकी कंपनियों से जोड़ने के विचार से हुई थी। रिक्रूटमेंट प्लेटाफार्म पर एआइ अवतार इंटरव्यू के बाद डेटा लेबलिंग जैसे इनोवेटिव टूल्स से कंपनी ने अपनी जगह बनाई। आज मर्कोर न सिर्फ ओपनएआइ जैसे दिग्गजों के साथ काम कर रही है, बल्कि एआइ इंडस्ट्री में ‘टैलेंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ की रीढ़ बन चुकी है।

88,000 करोड़ रुपए की कंपनी मर्कोर
मर्कोर एक ’एआइ रिक्रूटिंग स्टार्टअप’ है, जो बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब्स को उनके मॉडल्स के लिए ट्रेनिंग डेटा और टैलेंट उपलब्ध कराता है। सिर्फ दो साल पहले शुरू हुई यह कंपनी आज 10 बिलियन डॉलर (करीब 88,000 करोड़) के मूल्य पर पहुंच चुकी है। हाल में इसे 350 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग मिली है।
हिरेमथ और मिधा की पहली मुलाकात 10 साल की उम्र में प्राथमिक विद्यालय के डिबेट टूर्नामेंट में हुई थी। बाद में वे सैन जोस, कैलिफोर्निया स्थित बेलार्माइन कॉलेज प्रिपरेटरी के डिबेट टीम के स्टार बन गए, जहां उनकी मुलाकात फूडी से हुई। मिधा के माता-पिता नई दिल्ली से अमरीका गए थे, जबकि हिरेमठ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के दौरान स्टार्टअप को समय देने के लिए स्नातक होने से कुछ माह पहले ही कॉलेज छोड़ दिया।
ब्रेंडन फूडी, सीईओ, अर्थशास्त्र के कॉलेज ड्रॉपआउट











