बैडमिंटन के शौक को बनाया जुनून तो.. 65 वर्ष की उम्र में भी लगने लगीं ऊर्जावान

कोरबा. पॉजिटिव विजन और खुशमिजाज लोगों में शुमार कोरबा कि मधु पांडे कहती हैं कि उम्र तो एक आंकड़ा है। जब तक जिंदा हैं, जीवन को पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए। और जब आप अपने शौक को जुनून बना लेते हैं तो उस समय उम्र कोई मायने नहीं रखती। 65 साल की मधु ने हाल ही में गोवा में हुए बैडमिंटन के नेशनल इवेंट में भाग लिया है।

इसके पहले मधु ने साल 2021 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में 60 प्लस इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग लिया, जिसमें डबल मुकाबले में उनकी जोड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया। मधु के लिए बैडमिंटन शौक के साथ-साथ जुनून भी है। साल 1981 से वे बैडमिंटन खेल रही हैं। 65 साल की उम्र में भी उन्होंने खेलना नहीं छोड़ा है। अभी भी नियमित तौर पर बैडमिंटन की कोर्ट पर पसीना बहाती हैं।

शादी के बाद फिर बैडमिंटन से जुड़ा नाता

विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए मधु कहती हैं कि कक्षा सातवीं में बैडमिंटन की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिला, तभी से बैडमिंटन से जुड़ गई। कक्षा 12वीं तक राष्ट्रीय स्तर की कई स्पर्धाओं में भाग लिया। इसी बीच जब स्नातक के लिए कॉलेज में दाखिला लिया तो माता-पिता ने शादी कर दी। ससुराल में जाते ही बैडमिंटन से नाता टूट गया। खेलना बंद हो गया। ऐसा लगा जैसे शायद अब दोबारा मौका नहीं मिलेगा। इसी बीच 1981 में उनके पति प्रकाश कुमार पांडे का जबलपुर से कोरबा ट्रांसफर हुआ।

कोरबा आने के कुछ दिनों बाद उन्हें बैडमिंटन से जुड़ने का फिर मौका मिला और बैडमिंटन कोर्ट पर प्रैक्टिस के लिए जाने लगी। बैडमिंटन का जुनून इतना सवार था कि घर में छोटी-छोटी दो बेटियों को बंद करके खेलने के लिए कोर्ट पर पहुंच जाती थी। उन दिनों बैडमिंटन कोर्ट पर महिलाओं की संया बेहद कम हुआ करती थी। कई बार ऐसे मौके आए जब पुरुष खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसे लेकर कई बार परेशानियां भी हुईं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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