छत्तीसगढ़ में बदली हवा की दिशा, 4 सितंबर तक जोरदार बारिश की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

रायपुर, दुर्ग समेत अन्य जिलों में मौसम सोमवार को पल-पल में बदला। दरअसल द्रोणिका का तगड़ा असर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। पहले सुबह हल्की बदली छाई फिर दोपहर में तेज धूप खिल गई। इसी बीच कुछ देर बूंदाबांदी और फुहारें भी पड़ी। शाम में भी मौसम बदल गया। लगा जैसे बारिश होगी, लेकिन तेज हवा के साथ बादल उड़ गए। मौसम के बदलते मिजाज के बीच दिन का अधिकतम तापमान दुर्ग जिले में 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं रात का न्यूनतम पारा 21.2 डिग्री दर्ज किया गया।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
संभाग में दुर्ग को छोडक़र शेष जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे म्यांमार तट के ऊपर स्थित है। इसके प्रभाव से एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है।
आज भी कहीं—कहीं जोरदार बारिश
रायपुर में आज सुबह 11 बजे अचानक मौसम बदल गया। आसमान में छाए काले बादल बरस पड़े। करीब 20 मिनट तक जोरदार बारिश हुई। इसके चलते जो जहां था वहीं थम गया। वहीं जब लोग सड़क पर आए तो समुद्र जैसी लहरों का सामना करना पड़ा। सोमवार को कभी शहर के कुछ कुछ जगहों में जोरदार बारिश हुई। वहीं कहीं कहीं हल्की फुहार पड़ी।
4 सितंबर तक बारिश के आसार
इस मौसमी तंत्र का प्रभाव मुख्यत: मध्य छत्तीसगढ़ रहने की सभावना है। यानी इसके प्रभाव से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में 2 से 4 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और एक दो स्थानों पर अतिभारी वर्षा होने की संभावना बन रही है। इसके अलावा एक अन्य सिस्टम और तैयार हो रहा है। जिसमें द्रोणिका के दक्षिण की ओर झुकने के संकेत है, जिससे अच्छी बारिश की संभावना है। मंगलवार को दोपहर से रात के बीच अधिकांश हिस्सो में हल्की से मध्यम बारिश का आंकलन किया गया है। इसके अलावा बहुत से क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ छींटे भी पड़ेंगे।
इन जिलों में येलो अलर्ट
CG Weather Update: सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर।











