नारी ही सृष्टि का आधार, समाज की धुरी और प्रेरणा है: राज्यपाल डेका

सरोना में शनिवार को आयोजित विराट क्षत्रिय दशहरा मिलन समारोह एवं वीरांगना राष्ट्रीय अधिवेशन में मुय अतिथि के रूप में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा मातृशक्ति परिवार को एक सूत्र में बांधने और समाज की नैतिक दिशा तय करने का कार्य करती है। नारी जीवन का वह आधार है, जिसके बिना मानव अस्तित्व की कल्पना असंभव है। जिस प्रकार पानी के बिना जीवन असंभव है, उसी प्रकार नारी के बिना भी यह सृष्टि अधूरी है।
राज्यपाल ने जीवन को आनंदपूर्वक जीने के सूत्र साझा किए। उन्होंने कहा जीवन अनुपम है, इसे हर क्षण आनंद से जीना चाहिए। पैसा केवल जीवन की आवश्यक जरूरतों भोजन, शिक्षा और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है, लेकिन वास्तविक सुख शांति और संतोष में ही निहित है। उन्होंने कहा सफलता के लिए ईमानदार प्रयास आवश्यक है, परंतु यदि प्राप्त न हो तो उसका अफसोस नहीं करना चाहिए।

जो समय का पाबंद, वह सफल
राज्यपाल ने कहा जो व्यक्ति समय के पाबंद और अनुशासित होते हैं, वे जीवन में अवश्य सफल होते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में समाज सेवा की अद्भुत प्रवृत्ति है। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस अधिवेशन से जो संदेश जाएगा, वह समाज में एकता, संगठन और प्रेरणा का स्रोत बनेगा। कार्यक्रम में वीरांगना की मुय संरक्षिका वीणा रमन सिंह ने अपना प्रेरणादायी संबोधन दिया।
वीरांगना की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीलू सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समाज के राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अमित कुमार सिंह तथा राजपूत निस्वार्थ सेवा संघ की अध्यक्ष इला कलचुरी ने भी अपने विचार रखे। राज्यपाल रमेन डेका ने समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली वीरांगनाओं को समानित किया। समारोह में क्षत्रिय समाज के पदाधिकारी, सदस्यगण और बड़ी संया में महिलाएं एवं नागरिक उपस्थित थे।











