World Diabetes Day: मधुमेह पर जीत का मंत्र, सही डाइट लिस्ट

रायपुर. हर साल मनाया जाने वाला विश्व मधुमेह दिवस इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरुकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मधुमेह, जो खून में शक्कर (ग्लूकोज) का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण होता है, केवल दवा से नहीं, बल्कि सत जीवनशैली और नियंत्रित आहार से नियंत्रित किया जाता है। नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार इस बीमारी का प्रबंधन खासकर आहार मरीज की भागीदारी पर निर्भर करता है, क्योंकि जानकारी ही जीवन है। उपवास या भूखे पेट रहना मधुमेह रोगियों के लिए खतरनाक है, इसलिए सुझाई गई डाइट लिस्ट का सती से पालन करना जरूरी है।

क्या करें और क्या न करें?

डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने मधुमेह के सफल प्रबंधन के लिए भोजन के साधारण नियमों पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोगी को खाना निर्धारित मात्रा में और समय पर लेना चाहिए और बार-बार लेकिन प्रत्येक बार थोड़ा भोजन करना चाहिए।

इन चीजों का करें अधिक सेवन

आहार में करेला, मेथी, पालक, गोभी, लौकी, तोरई, और सभी भाजी को अधिक शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही चोकर के आटे की रोटी, मूंग दाल और तुअर दाल का सेवन बढ़ाना चाहिए। सलाद और रेशेदार खाद्य पदार्थ (जैसे छिलके वाली दालें) धीरे पचते हैं, जिससे खून में ग्लूकोज का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है और कब्ज नहीं होती है। कम ग्लायसीमिक इंडेक्स वाले आहार, जैसे हरी सब्जी और मसूरी दाल को प्राथमिकता देनी चाहिए। पेय पदार्थों में बिना शक्कर के नींबू पानी, टोन्ड दूध की चाय/कॉफी और छाछ का सेवन सुरक्षित है।

इनसे सत परहेज करें

मधुमेह रोगियों को शक्कर, गुड़, शहद, मिठाइयां, आइसक्रीम, फलों का रस और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन पूरी तरह से नहीं करना चाहिए। तला हुआ भोजन, अधिक वसा/चर्बी और नमक युक्त भोजन से भी बचना चाहिए। मीठे फल जैसे आम, अंगूर, चीकू, सीताफल और केला का सेवन भी वर्जित है।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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