युवाओं को जकड़ रही ‘फैटी लिवर’ बीमारी, कैंसर का बढ़ा खतरा

बिलासपुर. तेजी से बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक निष्क्रियता का सीधा और खतरनाक असर अब युवाओं के लीवर पर दिखाई देने लगा है। कभी उम्रदराज लोगों या शराब सेवन से जुड़ी मानी जाने वाली ‘फैटी लिवर’ बीमारी अब युवाओं में तेजी से बढ़ रही है और डॉक्टर इसे एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
चिंताजनक बात यह है कि फैटी लिवर अब केवल लाइफस्टाइल डिसऑर्डर नहीं रह गया, बल्कि लीवर कैंसर के एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक के रूप में सामने आ रहा है। डॉक्टरोंं के अनुसार, फैटी लिवर बीमारी तब होती है जब लीवर में आवश्यकता से अधिक वसा जमा हो जाती है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण नहीं दिखते, लेकिन समय के साथ यह सूजन, फाइब्रोसिस और आगे चलकर सिरोसिस का रूप ले सकती है। यही स्थिति लिवर कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लीवर कैंसर के कुल मामलों में लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी फैटी लिवर की है।

रोज 10 मरीज पहुंचते
भले ही यह आंकड़ा शराब या वायरल हेपेटाइटिस जैसे पारंपरिक कारणों की तुलना में कम हो, लेकिन इसका लगातार बढऩा गंभीर चेतावनी है। यदि फैटी लिवर बीमारी सिरोसिस के स्तर तक पहुंच जाती है, तो ऐसे मरीजों में जीवनकाल के दौरान 15 से 20 प्रतिशत तक लिवर कैंसर विकसित होने की आशंका रहती है। सिम्स अस्पताल, बिलासपुर में भी इस बीमारी का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। यहां प्रतिदिन औसतन 10 मरीज फैटी लिवर से संबंधित शिकायतों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। अधिकतर मामलों में मोटापा, जंक फूड का अधिक सेवन, मीठे पेय, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि की कमी प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं।
फैटी लिवर से कैसे बचें
रोजाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम करें
तला-भुना, जंक फूड और मीठे पेय से परहेज करें
वजन नियंत्रित रखें और संतुलित आहार लें
शराब का सेवन पूरी तरह बंद या अत्यंत सीमित करें
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें
नियमित हेल्थ चेकअप और लिवर फंक्शन टेस्ट कराएं
टॉपिक एक्सपर्ट
&फैटी लिवर को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। शुरुआत में यह बीमारी रिवर्स हो सकती है, लेकिन समय पर इलाज और जीवनशैली में बदलाव न होने पर यह सिरोसिस और लीवर कैंसर तक पहुंच सकती है। युवाओं में इसका बढऩा भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।
डॉ. लखन सिंह, एमएस, सिम्स।
&शराब और अन्य नशों के सेवन से फैटी लिवर का खतरा सबसे अधिक होता है। ऐसे मरीजों में आगे चलकर लीवर कैंसर की आशंका भी ज्यादा रहती है, इसलिए नशे से दूरी बेहद जरूरी है।
डॉ. चंद्रहास धु्रव, एचओडी, कैंसर विभाग, सिम्स।











