10वीं-12वीं के टाॅपर्स से मुख्यमंत्री साय की मुलाकात, संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को सीएम हाउस में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की टॉपर्स से मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान वे अभिभावक और शिक्षक की भूमिका में नजर आए। मुख्यमंत्री ने टॉपर्स के सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बच्चों के सवाल पर सीएम ने कहा, वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। शिक्षित युवा आधुनिक खेती के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
शिक्षा ही समाज के विकास का मूल आधार
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। इस दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी मौजूद थे।

संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा साझा की
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए। उन्होंने कहा, जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है।
सीएम ने बच्चों को दी यह सीख
- नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।
- पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।
- योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली को अपानाएं।
- अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाकर रखें।
- केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।











