Nari Shakti: हजारों महिला किसानों को दिलाया उनका हक, बदला पूरा परिवेश

रायपुर. प्रदेश की यह पहली बैंक मैनेजर हैं जो महिलाओं के हक के लिए इतना कार्य कर रही हैं कि धमतरी जिले के कई गांवों में रहने वाली कई महिलाओं की दशा और दिशा दोनों बदल गई। एक ओर जहां हजारों महिलाओं को उनका हक मिला, वहीं कई महिलाओं के जीवन में बदलाव आया। जिला सहकारी बैंक की भखारा ब्रांच की मैनेजर स्मिता अखिलेश ने धमतरी जिले की भखारा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों की महिलाओं को उनका मालिकाना हक दिलाया।
महिलाओं का कोई अस्तित्व ही नहीं
स्मिता कहती हैं कि जब गांव में काम कर रही थी तो देखा कि न ही मायके में और न ही ससुराल में महिलाओं को उनका हक मिल रहा है तो लगा कि महिलाओं का कोई अस्तित्व ही नहीं। कोविड के समय जब बैंक के खाताधारियों की मौत हुई तो उनकी नॉमिनी में भाई या चाचा का नाम डाला था। जब मैंने इसके लिए आपत्ति की तो पूरे गांव का विरोध भी सहन करना पड़ा, लेकिन जब महिलाएं बैंक आने लगीं तो उन्हें यह समझ आया कि मैं सही काम कर रही हूं।

गांव के लोगों की सोच बदली
स्मिता ने गांव के लोगों की सोच बदली। पहले गांव में उनके काम को लेकर लोगों में विरोध देखा, लेकिन महिलाओं ने जब समझा कि पति की मौत के बाद तो हम ही उनकी वारिस होती हैं तो स्मिता के काम को सभी ने माना। महिला किसान खेती के काम साड़ी के ऊपर शर्ट-पैंट पहनकर करती थीं, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानी आती थी। उनकी सोच को बदला, थोड़ा समय लगा लेकिन महिलाओं की सोच में बदलाव आया।











