रोका किसानों का पलायन.. दो बहनों ने महिलाओं के लिए किया ये बड़ा काम, हो रही तारीफ

देहरादून की दो बहनें नमिता रावत और मनीषा गोसाई ने क्षेत्र में जल संरक्षण और किसानों के पलायन को रोकने की पहल की है। इन दोनों बहनों ने क्षेत्र में नष्ट होने की कगार पर पहुंची कृषि को फिर से जीवंत रूप दिया है। इससे उन्होंने न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए, बल्कि किसानों के पलायन को रोकने में भी कामयाब हुईं। पांच वर्ष पहले शुरू किए गए उनके इस अभियान से क्षेत्र में लोग वर्षा जल संचयन प्रणाली को अपनाने लगे हैं, जिससे खेतों में काफी हद तक पानी की कमी को दूर किया जा सका है। इससे कृषि में भी इस क्षेत्र के किसानों को मुनाफा होने लगा है।
आधुनिक तरीके सिखाए
नमिता कहती हैं कि अब मैं न केवल आंवला की खेती करती हूं, बल्कि इससे मुरब्बा, अचार और जैम जैसी कई चीजें बना कर महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवा रही हूं। साथ ही किसानों को वर्षा जल संग्रहण के तरीके भी अपनाने का संदेश-मार्ग दर्शन करती हूं।’ इसके साथ ही वह सूखे हुए जंगल को फिर से हरा-भरा करने की कोशिश कर रही हैं। नमिता बताती हैं कि किसान अब कई तरह की औषधीय उपयोग की फसलें भी लगाने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होने लगी है।
सूखे पेड़ों से हुई शुरुआत
नमिता बताती हैं कि कोरोना के दौरान वह मनीषा के घर आई। यहां सिंचाई के लिए पानी के अभाव में बंजर होती कृषि भूमि और सूखे आंवले के पेड़ों को देखकर उन्होंने उन्हें बचाने की कोशिश शुरू की। वह बताती हैं कि शुरुआत में उन्होंने खेती के पारंपरिक तरीके से आंवला उगाया, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि किसानों की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए खेती में बदलाव करने होंगे। इसलिए उन्होंने पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक तरीकों से कृषि करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण देना शुरू किया।











