पांचवीं और आठवीं की मेरिट सूची में बेटियों ने रचा इतिहास, 99% को मिली सफलता

बस्तर जिले के शैक्षिक परिदृश्य में एक नई सफलता की कहानी जुड़ गई है, जब कक्षा 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत वार्षिक परीक्षा-2026 के परिणाम घोषित हुए। इन परिणामों ने न केवल जिले की उभरती प्रतिभाओं को पहचान दिलाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि बस्तर की बेटियां सफलता के हर शिखर को छूने के लिए तैयार हैं। दोनों ही कक्षाओं की मेरिट सूची में छात्राओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया और एकतरफा बढ़त बनाई।
ऐसा रहा परिणाम
बस्तर जिले ने 5वीं कक्षा के परिणाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 14687 छात्रों में से 14621 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 99.55% रहा। वहीं पर कक्षा 8वीं में 13272 छात्रों में से 13058 छात्रों ने सफलता प्राप्त की, जिससे 98.39त्न उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज हुए। कक्षा 8वीं में भी बस्तर जिले ने अच्छा प्रदर्शन किया।इस सफलता में छात्रों और शिक्षकों की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
5वीं में नया रिकॉर्ड
इस वर्ष कक्षा 5वीं के परिणामों में एक नया रिकॉर्ड देखने को मिला। शीर्ष स्थान के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा थी, और इस सूची में पहले स्थान पर चार विद्यार्थियों ने समान रूप से अपनी जगह बनाई। इन छात्रों में से इंडियन पब्लिक स्कूल आड़ावाल के आदित्य ठाकुर, सक्सेस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की कौशल्या यादव, पीएम श्री सेजेस लोहण्डीगुड़ा के ऋषि कुमार गोटे और पीएम श्री सेजेस करपावण्ड की सिया गुप्ता ने 200 में से 195 अंक प्राप्त कर 97.50 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान हासिल किया।
दूसरे स्थान पर छह मेधावियों ने 194 अंकों के साथ अपनी जगह बनाई, जिनमें आकृति सोनकर, यंशिका कश्यप, खिलेश्वरी मण्डावी, भावना पाण्डेय, रितिका बघेल, डिकेश्वरी कश्यप और बकावण्ड के ओम देवांगन शामिल हैं। विशेष रूप से, इस सूची में ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी आश्रम शालाओं और पीएम श्री स्कूलों ने निजी संस्थानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो जिले में शिक्षा के स्तर में सुधार का स्पष्ट संकेत है।
जिले में नई ऊर्जा का संचार
छात्राओं की इस भारी सफलता और ग्रामीण स्कूलों के दबदबे ने न केवल अभिभावकों को गौरवान्वित किया, बल्कि पूरे जिले के शैक्षणिक ढांचे में नई ऊर्जा का संचार किया। यह बस्तर की शिक्षा में सुधार की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ है, जो आने वाले समय में और अधिक युवा प्रतिभाओं के सामने आने की उम्मीद जताता है।
ग्रामीण क्षेत्रों से सशक्त प्रदर्शन
पूरी मेरिट सूची में तोकापाल, दरभा, बकावण्ड और लोहण्डीगुडा जैसे विकासखंडों के बच्चों ने निरंतरता के साथ टॉप 10 में अपनी जगह बनाई। यह बस्तर के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। 10वें स्थान तक आते-आते मुकाबला इतना कड़ा हो गया कि दर्जनों छात्र 93 प्रतिशत जैसे उत्कृष्ट अंकों के साथ इस सूची में शामिल हुए।
शिक्षकों और छात्रों की सराहना
बस्तर जिले में कक्षा 5वीं और 8वीं के परिणामों में शानदार सफलता के बाद कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अनेक प्रयास किए गए, ताकि उन्हें परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने इस सफलता को क्षेत्र में बढ़ती शिक्षा जागरूकता और शिक्षकों के अथक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों की मेहनत का प्रतिङ्क्षबब हैं।
कक्षा 8वीं में भी बेटियों का दबदबा
कक्षा 8वीं के परिणामों में भी छात्राओं ने अपना वर्चस्व स्थापित किया। मैत्री संघ विद्या निकेतन, जगदलपुर की सोनाक्षी नंदी ने 96.50 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इसी विद्यालय की पूर्वी मंडल ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि एमजीएम स्कूल की महक परवार और माता शबरी कन्या आश्रम, चिउरगांव की संतोषी कश्यप ने 95.83 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस मेरिट सूची में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं ने भी अपनी जगह बनाई। माता शबरी कन्या आश्रम की एकान्त मौर्य और विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय की अनुति टेनेटी ने भी शीर्ष पांच में स्थान पाया, जिससे यह साबित हुआ कि प्रतिभा किसी भी भूगोल की मोहताज नहीं होती।











